फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेट पर कराइए कोरोना जांच, फिर होगा इलाज

विज्ञापन
जिलाअस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।संवाद - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
गेट पर कराइए कोरोना जांच, फिर होगा इलाज
विज्ञापन

- जिला अस्पताल में कोरोना रोकने के लिए बनाई गई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनग। कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जिला अस्पताल में व्यवस्था बदल गई है। ओपीडी में जाने के लिए मुख्य चैनल और पीछे का चैनल बंद कर दिया गया है। चैनल के अंदर से कर्मी पर्चा बना रहे हैं। जिसके बाद कोरोना जांच होगी। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद मरीजों का चिकित्सक इलाज करेंगे। इसके साथ ही बिना मास्क के किसी का पर्चा नहीं बनाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में रोजाना 900 से 1000 के करीब मरीज और उनके तीमारदार पहुंचते हैं। अस्पताल के मुख्य भवन के बरामदे में पर्ची काउंटर है। जहां पर मरीजों की पर्ची बनती है। वर्तमान में कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है। जिले में लगातार मरीज मिल रहे हैं। जिसको देखते हुए अस्पताल का नजारा भी बदल गया है। ओपीडी में जाने के लिए मुख्य बरामदे में लगे चैनल को बंद कर दिया गया है। चैनल के अंदर स्वास्थ्यकर्मी लगा दिए गए हैं जो मरीजों की बीमारी के अनुरूप पर्चा बना रहे हैं। इसके बाद उनकी एंटीजन जांच हो रही है। जो मरीज पॉजिटिव निकल रहे हैं उन्हें वही से कोविड-19 किट देकर घर भेज दिया जा रहा है और जो मरीज निगेटिव आ रहे हैं उन्हें चिकित्सकों के पास इलाज के लिए भेजा जा रहा है। बिना कोविड-19 जांच के किसी भी मरीज को चिकित्सक नहीं देख रहे हैं। इसके साथ ही पर्ची बनवाने वाले लोगों को मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। मरीज इमरजेंसी होते हुए ओपीडी में जा रहे हैं। ओपीडी में भी चिकित्सकों के कक्ष के दरवाजे पर बैरिकेटिंग कर दिया गया है। चिकित्सक वहीं से मरीज की बीमारी पूछ रहे हैं और दवा लिख रहे हैं।
विज्ञापन

गंभीर मरीजों का हो रहा ऑपरेशन
कोरोना के चलते जहां सतर्कता बरती जा रही है। वहीं जिला अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों जिसमें गर्भवती महिला का ऑपरेशन, दुर्घटना में घायल गंभीर मरीज जरूरत के अनुसार तत्काल ऑपरेशन किया जा रहा है। जो मरीज गंभीर नहीं है और कोरोना पॉजिटिव हैं तो उनका ऑपरेशन पांच दिन के लिए टाल दिया जा रहा है। उसके बाद निगेटिव रिपोर्ट आने पर उनका ऑपरेशन किया जा रहा है।
विज्ञापन

सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय : सीएमएस
सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों की सुरक्षा अहम है। ऐसे में जो लोग पर्ची बनवा रहे हैं उनका पहले कोरोना जांच किया जा रहा है। उसके बाद ही चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। इसमें जो लोग पॉजिटिव आ रहे हैं उन्हें दवा की किट देकर घर भेज दिया जा रहा है। इसके साथ ही इमरजेंसी ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें