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लूट के इरादे से हमला करने पर छह साल की सजा

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कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में एक आरोपित को किया दोषमुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखा रानी जायसवाल की कोर्ट ने लूट के इरादे से हमला करने के मामले में एक शख्स को छह वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2500 रुपये अर्थदंड के दंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं साक्ष्य के अभाव में एक आरोपित को बरी कर दिया गया।
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लोक अभियोजक शैलेश चतुर्वेदी व कंदरपेश द्विवेदी ने बताया कि महुली थाना अंतर्गत काली जगदीशपुर निवासी रामदीन ने थाना महुली में प्रार्थना पत्र दिया था कि 24 अक्तूबर 2015 को उसका लड़का घर आ रहा था। अभी वह लोहरेया गांव के पास पहुंचा तभी दो व्यक्ति बाइक से रात आठ बजे आए और बेटे अंकित चौधरी की मोटरसाइकिल के सामने अपनी गाड़ी रोक दी। बेटे को मारपीट कर 15000 रुपये छीन लिए और भागने लगे। शोर सुनकर गांव वालों ने दोनों का पीछा किया था। मोटरसाइकिल स्लिप कर गिर गई। इससे पीछे बैठने वाला व्यक्ति भागने में सफल रहा। जबकि एक व्यक्ति जिसका नाम राम मदन तिवारी को वाहन के साथ पकड़ लिया गया। पूछने पर भागने वाले व्यक्ति का नाम दीपक यादव उर्फ दीपू बताया। अभियोजन के तरफ से छह गवाहों की गवाही हुई। उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त राम बदन तिवारी को छह वर्ष के सश्रम कारावास और 2500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं अभियुक्त दीपक यादव उर्फ दीपू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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