बढ़ेगा सर्किल रेट, मकान बनाना होगा महंगा
चार साल बाद सर्किल रेट में संशोधन करने की तैयारी में जुटा प्रशासन
विकसित क्षेत्रों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की सोच रहा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकसित क्षेत्रों के सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी करने की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। इससे विकसित क्षेत्रों में जहां जमीन खरीद कर मकान बनवाना महंगा होगा, वहीं, इन क्षेत्रों में सुविधाएं भी बढ़ेंगी। इसके साथ ही प्रशासन को राजस्व का भी फायदा होगा। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों ने एडीएम के साथ बैठक कर इस पर विस्तार से चर्चा की।
अगस्त 2017 के बाद सर्किल रेट में कोई संशोधन नहीं हुआ है। जबकि जिले में कई ऐसे कस्बे हैं, जो तेजी के साथ विकसित हो रहे हैं। प्रशासन ने चार साल बाद अब सर्किल रेट में संशोधन करने की तैयारी शुरू कर दी है। एआईजी स्टाम्प एवं पंजीयन एमपी मिश्रा ने बताया कि नगर पालिका खलीलाबाद का दायरा बढ़ा है। इसमें 16 गांव शामिल किए गए हैं। जबकि बखिरा और बेलहर नई नगर पंचायतें बनी हैं। मेंहदावल नगर पंचायत का भी सीमा विस्तार हुआ है। इसके साथ ही छोटे-छोटे बाजार जैसे सेमरियावां, बाघनगर, महुली, धनघटा, हैंसर, पौली आदि विकसित कस्बे में शामिल हुए हैं। सेमरियावां में मुख्य सड़क पर नौ हजार रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन का सर्किल रेट है। यहां बढ़ाकर 14 से 15 हजार रुपये वर्ग मीटर किए जाने की जरूरत है। इसी तरह महुली में 9200 रुपये वर्ग मीटर जमीन की दर है। इसे भी बढ़ाकर 15 से 20 हजार रुपये वर्ग मीटर किए जाने की आवश्यकता है। धनघटा के में सामान्य खेती की जो जमीन है वह 38 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। जबकि डूब क्षेत्र में 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जमीन की दर निर्धारित है। नगर पालिका क्षेत्र में खेती की जमीन तीन करोड़ 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। ऐसे में विकसित क्षेत्रों में सर्किल रेट में संशोधन किए जाने की कवायद चल रही है। पहले व्यापक स्तर पर सर्वे किया जाएगा। उसके बाद सर्किल रेट बढ़ाया जाएगा। इसमें आपत्तियां मांगी जाएंगी और लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही सर्किल रेट संशोधित किया जाएगा। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सर्किल रेट चार साल से संशोधित नहीं हुआ है। जबकि छोटे-छोटे बाजार और कस्बे विकसित हुए है। ऐसे में सर्किल दर संशोधित किए जाने से राजस्व की प्राप्ति बढ़ेगी। वहीं, जमीन की खरीद-फरोख्त का कारोबार करने वाले सलीम और शब्बीर बताते हैं कि सर्किल रेट बढ़ने से लोगों को मकान बनवाना महंगा पड़ेगा लेकिन सुविधाएं बढ़ेंगी।