संतकबीरनगर में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने भुजैनी गांव निवासी दंपती और उसके दो बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ रविवार को हत्या का केस दर्ज किया। आरोप है कि पिता की मानसिक और शारीरिक कमजोरी का फायदा उठा कर बेटे ने पत्नी व बेटों आदि के साथ मिलकर उसकी संपत्ति का षडयंत्र के तहत बैैनामा करवा लिया। बाद में साजिश के तहत जहर देकर मार डाला। ऐसा आरोप छोटे भाई ने मढ़ते हुए कोर्ट में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।
भुजैनी निवासी संजय कुमार तिवारी पुत्र स्वर्गीय राम सागर तिवारी ने बताया कि वह दिल्ली में वकालत करते हैं। दिल्ली से गांव आना-जाना लगा रहता है। वह और उनके बड़े भाई सच्चिदानंद पिछले डेढ़ वर्ष से घर, खेत, जमीन आदि संपत्ति का बंटवारा करके अलग-अलग रहते हैं। उनके साथ माता-पिता दिल्ली आते-जाते रहते थे। लॉकडाउन में कोरोना की डर से माता-पिता को अपने चाचा-चाची के पास गांव पर ही छोड़ कर जाना पड़ा।
आरोप है कि उनकी भाभी शोभा तिवारी व उनके बेटे आनंद व आदित्य व बड़े भाई सच्चिदानंद ने उसके माता-पिता को अगस्त में बहला-फुसला कर षडयंत्र के तहत तब तक के लिए सेवा के बहाने अपने पास रख लिया। सितंबर में उनके पिता को दोबारा फालिज का अटैक हुआ। इससे उनके पिता की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब हो गई।
आरोप है कि उनकी भाभी शोभा तिवारी और परिवार के जानने वाले एक व्यक्ति सुनील कुमार चौरसिया की मिलीभगत से आपसी षडयंत्र करके भाभी शोभा, आनंद व आदित्य व बड़े भाई सच्चिदानंद ने उनके चाचा-चाची, उन्हें और उनकी बहनों को बिना बताए धोखे से पिता की कीमती संपत्ति का फर्जी तरीके से सुनील कुमार चौरसिया की पत्नी मंजू के नाम बैनामा करवा लिया।
शेष जमीन साजिशन धोखा करके शोभा तिवारी के नाम दानपत्र लिखवा लिया। उसे गांववालों से पता चला कि उसके पिता रामसागर तिवारी की दो जनवरी 2021 को मृत्यु हो गई। सूचना पर वह अपनी बहन सुनीता व परिवार के साथ पिता के अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली से गांव आए। बड़े भाई सच्चिदानंद को बताया कि देर शाम तक घर पहुंच जाएंगे। उनके भाई, भाभी और भतीजे अपशब्द कहे और अंतिम दर्शन करने से मना कर दिए।
आरोप है कि संदिग्ध हाल में उनके पिता की हुई मौत के बाद लोगों ने अंतिम संस्कार कर दिया। उनकी बड़ी बहन कुसुम और जीजा ने बताया कि पिता के मुंह से झाग आया था और शरीर नीला था। आरोप है कि शोभा तिवारी, आनंद व आदित्य ने उसके पिता को जहरीला पेय पदार्थ पिलाकर मार दिया।
आरोप है कि साजिश के तहत उनके पिता को जहर देकर लोगों ने मार दिया। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि शोभा तिवारी, आनंद, आदित्य, सच्चिदानंद, सुनील कुमार चौरसिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे उसी के अनुुसार कार्रवाई की जाएगी।