असमोली (संभल)। ड्योढ़ी गांव में डेंगू से छात्र और एक किसान की मौत हो गई। गांव में अभी भी दर्जनों लोग बुखार की चपेट में हैं। बुखार होने पर लोगों की एकाएक प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश पनप रहा है। इसके अलावा नरौली में भी सहकारी समिति की चेयरमैन आशा तिवारी के पति डेंगू पीड़ित थे। गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
ड्योढ़ी गांव में गुरुवार को डेंगू से गांव के निवासी सुनील राघव के 13 वर्षीय बेटे आदित्य की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार पांच दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन आराम न मिलने पर परिजन मुरादाबाद एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां जांच करने पर डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान आदित्य की गुरुवार की सुबह में मौत हो गई।
वहीं, गांव के ही नितेशपाल सिंह (32) पुत्र रतिभान सिंह को भी एक सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजनों ने निजी चिकित्सक से उपचार कराया लेकिन आराम नहीं मिला। ज्यादा हालत खराब हुई तो परिजन मुरादाबाद के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां जांच करने पर डेंगू की जानकारी हुई। हालत बिगड़ने पर मुरादाबाद के चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान किसान नितेश पाल सिंह की मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में बुखार का प्रकोप है। बड़ी संख्या में बच्चे चपेट में आ गए हैं। जो बच्चे बुखार से पीड़ित हैं उनमें शिवम, सत्यम, मुकुल, सिद्धांत, अमन, मयंक, कुनाल समेत करीब दो दर्जन बच्चे चपेट में आए हुए हैं। सभी बच्चों का उपचार निजी चिकित्सकों से चल रहा है। वहीं बुकनाला गांव में भी डेंगू और बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव की मेहराज फात्मा, कनीज जहरा, गुलाम रजा, नसीम हैदर, अनम जहरा, अमीर हैदर, तबस्सुम हुसैन, अहमद रजा, शान मियां, माहे जहरा, गुलाम पंजेतन, मोहम्मद फैजान, फरमान जहरा आदि बीमारी की चपेट में हैं।
वहीं, नरौली कस्बे की सहकारी समिति की चेयरमैन आशा तिवारी के पति अशोक तिवारी (68) को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। स्थानीय स्तर पर उपचार कराया। सुधार न होने पर जांच में उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। उन्हें उपचार के लिए चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद परिजन उन्हें मुरादाबाद ले गए। वहां भी हालत में कोई सुधार नहीं किया। चिकित्सकों ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजन उपचार के लिए दिल्ली ले गए। वहां उनकी उपचार के दौरान गुरुवार की रात मौत हो गई। परिजन गमगीन हैं। उनके घर परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। कस्बे में डेंगू से मौत की सूचना पर लोगों में हड़कंप मचा है।