संभल। जिलेभर में गोवर्धन की पूजाविधि विधान से की गई। गोवर्धन पूजा के साथ अन्नकूट की पूजा भी की। लोगों ने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत व गाय, बछड़े आदि की आकृति बनाकर पूजन किया। सुबह से ही लोग गोवर्धन की पूजा अर्चना में लग गए। इस दौरान लोगों में गोवर्धन को लेकर गजब का उत्साह दिखाई दिया।
मान्यता है कि भगवान कृष्ण के द्वारा इंद्रदेव का अहंकार दूर करने के स्मरण में गोवर्धन का त्योहार मनाया जाता है। साथ ही नई फसल के अनाज और सब्जियों को मिलाकर अन्नकूट का भोग बनाकर भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है। इसलिए इस दिन को अन्नकूट त्योहार भी कहा जाता है। यह त्योहार दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है। शुक्रवार को लोगों ने घर के मुख्य दरवाजे पर गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाकर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति रखकर गोवर्धन की पूजा अर्चना विधि विधान से की। और गोबर से बनाए गए गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न प्रकार के पकवानों और मिठाइयों का भोग लगाया। पूजा और भोग के बाद ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दान-पुण्य किया गया।