फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिन बाद भी नहीं बन सकी ग्रामीण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस सक्रिय हुई

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। ग्रामीण की मौत का राज खोलने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट दूसरे दिन भी नहीं बन सकी। सीएमओ इस मामले में बच रहे हैं और पुलिस सक्रिय हो गई है। पोस्टहाउस पर शव को खोलने का कार्य करने वाले सफाई कर्मी को बहजोई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है और दो डॉक्टरों को भी पूछताछ के लिए शनिवार की रात दस बजे थाने लाया गया। अब पुलिस उस डॉक्टर के बारे में पूछताछ कर रही है जिसने पोस्टमार्टम किया था। डॉक्टरों के विवाद में ग्रामीण की मौत का राज खोलने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट तीसरे दिन भी नहीं बन सकी।
विज्ञापन

गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरौला नवाबाबाद निवासी वृद्ध रामवीर सिंह (60) का शव खेत पर गुरुवार की सुबह 9 बजे करीब चोटिल हालत में गांव के बाहर खेत पर पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम हाउस पर शव गुन्नौर कोतवाली का सिपाही और परिजन लेकर पहुंचे थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पर संभल सीएचसी के प्रभारी डा. मनीष अरोड़ा की ड्यूटी थी लेकिन जिस समय शव पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा उस समय जिलाधिकारी की बैठक बहजोई में चल रही थी।
जिसमें डा. मनीष अरोड़ा शामिल होने का दावा कर रहे हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात स्वीपर ह्देश का कहना था कि डा. मनीष अरोड़ा बैठक में थे तो उनके स्थान पर डा. खिलेंद्र सक्सेना को पोस्टमार्टम के लिए बुलाया गया था लेकिन डा. खिलेंद्र सक्सेना पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं बना रहे हैं। इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी संजीव रंजन व पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र को हुई तो सक्रिय हो गए हैं। इसी क्रम में बहजोई पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। जिससे हकीकत सामने आ सके। हालांकि ग्रामीण के बेटे का कहना है कि उसके पिता के चोट लगी थी।
विज्ञापन

हत्या किए जाने का अंदेशा था। इसलिए ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। अब डॉक्टरों के विवाद में रिपोर्ट अधर में लटक गई है। बहजोई थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र त्यागी ने बताया कि स्वीपर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। चिकित्सकों को भी बुलाया था लेकिन वह नहीं आए। हालांकि देर रात दस बजे दो डॉक्टरों को पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले गई है। डॉक्टर खिलेंद्र सक्सेना से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है। इस पूरे मामले में सीएमओ डा. अजय सक्सेना चुप्पी साधे हुए हैं। फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इससे जाहिर हो रहा है कि वह बच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें