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रेल चक्का जाम : किसान और पुलिस के बीच खींचतान, लगाया जाम

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चंदौसी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर लखीमपुर खीरी प्रकरण और तीनों कृषि कानूनों के विरोध में रेल चक्का जाम को लेकर भाकियू नेताओं और पुलिस के बीच खूब खींचतान हुई। किसानों ने मुरादाबाद-फर्रूखाबाद बाईपास पर प्रगति विहार के सामने जाम लगा दिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन पर करीब एक घंटे धरना दिया। प्रशासन से वार्ता के बाद भाकियू पदाधिकारी वहां से हटकर मंडी समिति फाटक पर पहुंचे और पांच दिन ट्रैक पर धरना दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और रेलवे फाटक से हट गए। इस दौरान ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू पदाधिकारी सोमवार को चंदौसी में मुरादाबाद-फर्रूखाबाद बाईपास रोड स्थित प्रगति विहार में प्रदेश प्रमुख महासचिव बिजेंद सिंह के आवास पर एकत्र हुए। वहां से रेलवे स्टेशन जा रहे किसानों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस बीच पुलिस की किसानों से खींचतान भी हुई। पुलिस बल अधिक होने पर किसान बाईपास रोड पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एसडीएम, सीओ से वार्ता के बाद किसान वहां से जुलूस के रूप में पुलिस के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच गए। इस दौरान करीब 15 मिनट तक रोड पर जाम लगा रहा। इस दौरान वाहनों की लाइन लग गई।
रेलवे स्टेशन परिसर पर तैनात आरपीएफ व जीआरपी ने प्लेटफार्म पर एंट्री के गेट बंद कर दिए। गेट बंद देखकर भाकियू पदाधिकारियों ने परिसर में ही धरना देना शुरू कर दिया। इस दौरान एडीएम कमलेश कुमार अवस्थी, एएसपी आलोक जायसवाल भी पहुंच गए। भाकियू पदाधिकारी रेल रोकने की जिद पर अड़े रहे। बाद में वार्ता के बाद भाकियू पदाधिकारी ट्रैक पर ज्ञापन देने की बात पर राजी हो गए। एडीएम व एएसपी ने स्टेशन से अलग हटकर फाटक पर ज्ञापन लेने की बात कही। वहां भाकियू नेता विजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में किसान फिर से जुलूस के रूप में स्टेशन से मंडी समिति स्थित रेलवे फाटक पर पहुंच गए। वहां किसानों ने ट्रैक पर पांच मिनट धरना दिया और विजेंद्र सिंह यादव ने किसानों को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित को सौंपकर कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
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धरना-प्रदर्शन के दौरान ये भाकियू पदाधिकारी रहे
चंदौसी। धरना-प्रदर्शन के दौरान किसान नेता तहसील अध्यक्ष गुन्नौर अमरसिंह राजपूत, निवर्तमान युवा मंडल अध्यक्ष वीरेश यादव, निवर्तमान मंडल प्रवक्ता संजीव यादव, कौशल क्रांतिकारी, मुकेश यादव, नीरज यादव, महेश, दिनेश, मोहित यादव, मुनेंद्र सिंह यादव, शंकर सिंह आर्य, देशराज सिंह, नेत्रपाल सिंह, मनोज यादव, मनोज राघव, राकेश यादव, फिरोज नवी, पप्पू यादव, यूसुफ अली, हरिसिंह यादव, पुष्पेंद्र सिंह यादव, नरेश शर्मा, दुर्गपाल कुशवाह, कुंवरपाल, रामौतार सिंह यादव, सुदेश, कल्याण सिंह प्रधान, सुरेश, राजेश मौर्य, राजीव मौर्य, कुंवरपाल मौर्य, प्रदीप आर्य, भूदेव मनवीर सिंह, आदि किसान व पदाधिकारी रहे।
किसानों के दौड़ने पर पुलिस में मचा हड़कंप, दोनों ओर से हुई खींचतान
चंदौसी। सोमवार सुबह नौ बजे से ही भाकियू कार्यकर्ता मुरादाबाद-फर्रूखाबाद बाईपास स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने कार्यालय पर एकत्र होना प्रारंभ हो गए। करीब साढ़े ग्यारह बजे भाकियू पदाधिकारी व पुलिस के बीच वार्ता चल रही थी। तभी एकाएक किसान हाइवे की तरफ दौड़ पड़े। किसानों के दौड़ने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। प्रभारी निरीक्षक विद्युत गोयल सहित अन्य जवानों ने पुलिस किसानों को पकड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों ओर से खींचतान होनी शुरू हो गई। मौके पर पहुंचे भाकियू प्रदेश मुख्य महासचिव विजेंद्र सिंह यादव के समझाने पर किसान शांत हुए।
भाकियू नेता व सीओ जीआरपी में हुई नोकझोंक
चंदौसी। भाकियू कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां रेलवे ट्रैक पर ज्ञापन देने की बात कही। सीओ जीआरपी मुरादाबाद देवी दयाल ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन रोकने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इस बात को लेकर भाकियू प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव व सीओ जीआरपी के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। दोनों लोगों को अन्य अधिकारियों ने काफी समझाने के बाद शांत कराया। इसके बाद भाकियू के विजेंद्र सिंह ने मंडी समिति स्थित रेलवे फाटक पर ज्ञापन देने का एलान कर दिया।
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ज्ञापन में ये रही प्रमुख मांगे
- लखीमपुर कांड के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
- केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा को मामले में आरोपी बनाकर मुकदमा दर्ज कराया जाए और मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए।
- किसान आंदोलन में मरे किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए।
- एमएसपी से कम खरीद पर कानून बनाकर अपराध घोषित किया जाए।
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