सौंधन (संभल)। संभल तहसील क्षेत्र के गौहत गांव में सोमवार को गारे और ईंट से बनी दीवार अचानक भराकर गिर गई। दीवार के मलबे में छप्पर के नीचे बैठे मित्रपाल व उसके बेटे प्रवेंद्र व नीरेश जबकि सोमपाल व उसका पुत्र नेमपाल दब गए। चीख-पुकार होने पर आसपास के लोग दौड़े। बमुश्किल मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। आननफानन में घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने प्रवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। एसडीएम रमेश बाबू ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
गौहत गांव निवासी मित्रपाल यादव का मकान गांव से कुछ अलग हटकर एक सड़क किनारे बना हुआ है। बराबर में गांव के ही नेमपाल का खेत है। खेत की रखवाली के लिए उसने मित्रपाल की दीवार के सहारे छप्पर रख लिया था। सोमवार की सुबह दस बजे के करीब मित्रपाल व उसके दो बेटे प्रवेंद्र (10) और नीरेश जबकि सोमपाल व उसका पुत्र नेमपाल छप्पर के नीचे बैठे हुए थे। इस दौरान बारिश हो रही थी। अचानक ही मित्रपाल की दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में पांचों लोग दब गए। चीख-पुकार मची तो गांव के लोग मौके की ओर दौड़े और मलबे में दबे लोगों को बमुश्किल बाहर निकाला।
आननफानन में घायलों को उपचार के लिए संभल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने प्रवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। सभी का उपचार चल रहा है। इस बीच अस्पताल में ही उप जिलाधिकारी रमेश बाबू और हयातनगर थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने प्रवेंद्र के शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बारिश के चलते स्कूल नहीं जा पाया था कक्षा दो का छात्र प्रवेंद्र
संभल। प्रवेंद्र कक्षा दो का छात्र था। सोमवार को बारिश के चलते वह स्कूल नहीं जा सका था। इसलिए अपने घर पर ही था और परिवार के लोगों के साथ बैठा हुआ था। मलबे में दबने से उसकी मौत हो गई। मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की धनराशि बतौर मुआवजा के रुप में मिलेगी। वहीं, घायलों को भी शासन की ओर से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया है। रिपोर्ट बनवाई जा रही है ताकि जल्द ही आगे की कार्रवाई हो सकेे।
रमेश बाबू, उप जिलाधिकारी, संभल