चंदौसी। यूपी बोर्ड ने जिले के हाईस्कूल और इंटर के अस्पष्ट फोटो वाले 350 परीक्षार्थियों और 35 दिव्यांगों पर संदेह जाहिर किया है। बोर्ड ने आशंका जताई है कि इन परीक्षार्थियों के स्थान पर दूसरे परीक्षार्थियों को बैठाया जा सकता है। बोर्ड ने 84 स्कूलों को नोटिस जारी कर इन चिह्नित परीक्षार्थियों का डाटा जैसे फोटो और दिव्यांगता का प्रमाणपत्र और फोटो वेबसाइट पर दोबारा अपलोड कराने के लिए आदेश दिए हैं।
संभल जनपद में यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर के करीब 44 हजार छात्र हैं। इनमें से दसवीं के करीब 24 हजार और इंटर के करीब 20 हजार छात्र हैं। स्कूलों की ओर से परीक्षा फार्म माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड को भेजे गए थे। इनमें 84 विद्यालयों के करीब 350 छात्र छात्राएं ऐसे हैं, जिनके फोटो अस्पष्ट हैं, यानी छात्रों का चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा है। कुछ आवेदनों पर फोटो भी नहीं है। बोर्ड ने आशंका व्यक्त की है कि ऐसे परीक्षार्थियों के स्थान पर फर्जी परीक्षार्थी बैठाए जा सकते हैं।
जनपद के ऐसे सभी 84 विद्यालयों को बोर्ड ने नोटिस भेजा है। बोर्ड ने ऐसे सभी परीक्षार्थियों को चिह्नित किया और उनकी सूची बनाकर वापस विद्यालयों को भेजी है। इन छात्रों के फोटो 28 फरवरी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर फोटो अपलोड करने के आदेश दिए हैं। ताकि परीक्षार्थियों के फोटो को प्रवेशपत्र के साथ जारी किया जा सके।
जनपद में कुल छात्र- 44000
हाईस्कूल - 24000
इंटर - 20000
अस्पष्ट फोटो वाले परीक्षार्थी - 350
दिव्यांग परीक्षार्थी- 35
14 विद्यालयों के 35 दिव्यांगों के सर्टिफिकेट करने होंगे अपलोड
जिले के यूपी बोर्ड के दसवीं व 12वीं के परीक्षा फार्मों में 35 परीक्षार्थी दिव्यांग दर्शाए गए हैं। दिव्यांग परीक्षार्थी को स्वकेंद्र का लाभ मिलता है। बोर्ड को आशंका है कि दिव्यांगता की आड़ में कुछ परीक्षार्थी स्वकेंद्र का लाभ देकर नकल कर सकते हैं। बोर्ड ने जिले के 14 विद्यालयों को नोटिस जारी कर उनके दिव्यांगता प्रमाणपत्र और फोटो को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने के आदेश दिए हैं।
बोर्ड की ओर से भेजी गई सूची में 84 विद्यालयों के करीब 350 छात्र ऐसे हैं, जिनके फोटो अस्पष्ट हैं अथवा नहीं हैं। बोर्ड को आशंका है कि इसकी आड़ में नकल हो सकती है। इसलिए ऐसे सभी चिह्नित परीक्षार्थियों के दोबारा फोटो अपलोड कराने को कहा है। साथ ही जिले में 35 दिव्यांग छात्रों के दिव्यांगता के प्रमाणपत्र और फोटो अपलोड कराने के लिए भी कहा गया है।
मनोज कुमार आर्य, डीआईओएस, संभल