चंदौसी। धनारी थाना क्षेत्र का गांव मुडैना, जहां अभी तक जातीय भेदभाव फैला हुआ था। दूसरी जाति के लोग के लोगों के विरोध के डर के कारण वाल्मीकि समाज के लोग अपनी बेटियों की बरात की चढ़त नहीं करते थे। पुलिस प्रशासन के सुरक्षा के आश्वासन के बाद बदलाव शुरू हुुआ है। करीब ढाई माह बाद अब गांव मुडैना में फिर से वाल्मीकि परिवार के घर के दरवाजे तक बरात की चढ़त हुई है। इस दौरान पुलिस फोर्स तैनात रही।
धनारी क्षेत्र के गांव मुडैना निवासी चंद्रपाल वाल्मीकि ने 16 फरवरी को एसपी संभल चक्रेश मिश्र को पत्र देकर अपनी बहन की बरात की चढ़त कराने की बात कही थी। पत्र में गांव के दूसरी जाति के लोगों के द्वारा विरोध किए जाने की आशंका जताई गई थी। एसपी ने चंद्रपाल को आश्वासन दिया था।
18 फरवरी को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत चंद्रपाल सिंह की बहन रानू की बरात जनपद बुलंदशहर के थाना डिबाई के गांव नरायनपुर से शाम करीब 7.25 मिनट पर पहुंची। दूल्हे व बरात की आवभगत की गई। शाम करीब आठ बजे बैंडबाजे, डीजे के साथ धूमधाम से बरात की चढ़त शुरू हुई। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहे। पुलिस की देखरेख में रात 8.40 बजे बरात दुल्हन के दरवाजे तक तक पहुंची। हालांकि इस दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक धनारी विद्युत गोयल, प्रभारी निरीक्षक बहजोई विकास सक्सेना, प्रभारी निरीक्षक गुन्नौर रामवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक रजपुरा कुलदीप सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
गांव में रविंद्र की बेटी की बरात की हुई थी पहली चढ़त
वाल्मीकि परिवार के लोग दूसरी जाति के लोगों के विरोध के भय से अपनी बेटी- बहन की बरात की चढ़त नहीं कराते थे। गांव मुडैना निवासी रविंद्र ने 27 नवंबर को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बेटी की बरात की गांव में चढ़त कराने की मांग की थी। एक दिसंबर को गांव मुडैना में पहली बार रविंद्र की बेटी की बरात की चढ़त हुई थी।
गांव मुडैना निवासी चंद्रपाल ने अपनी बहन की बरात की चढ़त के दौरान दूसरी जाति के लोगों के विरोध की आशंका व्यक्त की थी। इस दौरान गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस की मौजूदगी में बरात की चढ़त धूमधाम से हुई। किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ।
गोपाल सिंह, सीओ बहजोई।
ञ्जह्ल गांव में बरात की चढ़त होने से कोई भी रोकता है, न ही पहले कोई विरोध किया गया। दिसंबर में भी वाल्मीकि समाज की बेटी की बरात की चढ़ हो चुकी है।
उमेश यादव, ग्राम प्रधान पति मुडैना