संभल। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रही हैं। परीक्षार्थी लगातार मेहनत कर रहे हैं। अब परीक्षा की तिथि घोषित होने पर पढ़ाई पर ज्यादा जोर रहेगा। इस परीक्षा के दौरान तमाम परीक्षार्थियों के सामने लिखाई को लेकर समस्या रहेगी। क्योंकि कोरोना संक्रमण के चलते लंबे समय से विद्यालय ऑनलाइन पढ़ाई कराते रहे और ऐसे में परीक्षार्थियों की लिखने की आदत छूट गई। इसका असर परीक्षा के दौरान पड़ सकता है।
शिक्षकों के अनुसार लगातार लिखने का अभ्यास और समय का प्रबंधन सारी समस्या को खत्म कर देगा। हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाने वाले शिक्षक बताते हैं कि पेपर में बहुविकल्पीय, लघु उत्तरीय व विस्तृत उत्तरीय प्रश्न आते हैं। विद्यार्थियों को कवि व लेखकों की जीवनी और निबंध के सवाल को विस्तार से लिखना होता है।
हिंदी शिक्षक मनोज कुमार रस्तोगी ने बताया कि पेपर में लिखने का ज्यादा काम होता है। इसलिए परीक्षार्थी अपने समय का प्रबंधन करें। जिससे वह सभी प्रश्नों का समय से उत्तर दे सकें। लिखने की आदत में सुधार के लिए दिन में एक से दो घंटे लिखने का अभ्यास करें। जिससे उनकी राइटिंग में सुधार हो सके और वह प्रश्नों के उत्तर तय समय में दे सकें। परीक्षा में तीन घंटे का समय दिया जाता है।