दोषियों को कोर्ट से ले जाती पुलिस। संवाद
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संभल। चंदौसी से गांव आटा जाते समय सात साल पहले बदमाशों ने कार में लिफ्ट देने के बहाने तीन युवकों का अपहरण कर लिया था तथा एक युवक के परिजनों से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो चंद्रमणि मिश्र ने दो बदमाशों को आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि थाना बहजोई में गांव आटा निवासी पीतांबर सिंह ने एक सितंबर 2014 को एक मुकदमा पंजीकृत कराया था। वादी पितांबर ने पुलिस को तहरीर में बताया कि उसका बेटा श्योराज, भांजा मुनेश निवासी हरदासपुर थाना बिसौली जिला बदायूं, दीपचंद निवासी बनियाठेर चंदौसी में गणेश चौथ का मेला देखने गए थे। 30 अगस्त की रात चंदौसी से गांव आटा आते समय वैन में उन्होंने लिफ्ट थी। वैन में सवार बदमाशों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया था। रात को मुनेश और श्योराज को बेहोशी की हालत में हाथ पैर बांध बहजोई रोड पर साबुन की फैक्टरी के पीछे छोड़ दिया था। सुबह ग्रामीणों ने उन्हें बंधन मुक्त कराकर परिजनों को सूचना दी थी। पुलिस तीसरे युवक दीपचंद की तलाश में जुटी गई थी। बदमाशों ने दीपचंद के पिता को फोन कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। छह सितंबर को दीपचंद बदमाशों से छूटकर घर पहुंच गया था तथा सात सितंबर को पिता पप्पू के साथ थाने पहुंचकर घटना से अवगत कराया था। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। करीब डेढ़ माह बाद 16 अक्तूबर 2014 को जनपद मुरादाबाद के थाना कुंदरकी की पुलिस ने एक अन्य मामले में बदमाश धर्मपाल निवासी भरतपुर, राजेंद्र सिंह निवासी रमपुरा, शकील निवासी रमपुरा, कमल निवासी रमपुरा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बदमाशों ने चंदौसी में वैन में लिफ्ट देकर तीन युवकों के अपहरण व फिरौती मांगने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने विवेचना में जांच के बाद मुकदमे में आरोपी बदमाशों को नामजद किया था। इस मामले की सुनवाई चंदौसी जिला न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो के न्यायालय में चल रही थी। सभी पक्षों को सुनने, गवाहों के आधार पर न्यायाधीश चंद्रमणि मिश्र ने अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में बदमाश राजेंद्र व धर्मपाल को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दो सिपाहियों की हत्या में भी वांछित है धर्मपाल
चंदौसी। चंदोसी जिला न्यायालय में पेशी के बाद वापस जाते समय 17 जुलाई 2019 को बदमाशों ने बंदी वाहन में सवार दो सिपाहियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद बदमाश धर्मपाल, उसके साथी शकील और कमल मौके से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस एनकाउंटर में बदमाश शकील और कमल मारे गये थे। तीसरा बदमाश धर्मपाल हरियाणा से पकड़ा गया था। आरोपी धर्मपाल पर दो सिपाहियों की हत्या का मुकदमा भी चल रहा है।