चंदौसी। बारिश और बाढ़ से फसल गवां चुके किसान अब जल्द से जल्द बची धान की फसल को बेचना चाहते हैं। यही वजह है कि सोमवार को मंडी समिति में भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों से धान लेकर पहुंचे। जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। मंडी समिति फाटक, बाईपास मार्ग पर करीब दो घंटे भारी जाम रहा। मंडी समिति में शाम तक अव्यवस्था बनी रही। किसानों की यह भीड़ मंडी में आढ़तियों के पास लगी थी, जबकि सरकारी क्रय केंद्र पर भीड़ कम रही।
सोमवार को मंडी समिति में धान से भरी ट्रैक्टर-ट्राली सुबह दस बजे से ही पहुंचनी प्रारंभ हो र्गइं। दोपहर 12 बजे मंडी समिति में धान से भरी ट्रैक्टर-ट्राली ही नजर आ रहीं थीं। सोमवार को अधिक धान आने पर मंडी समिति के दोनों गेटों को खोल दिया गया। मंडी समिति में ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी करने की जगह नहीं होने पर किसानों ने रोड पर ही वाहनों को खड़ा दिया। जिस कारण दोपहर 12 बजे से मंडी समिति फाटक और बाईपास मार्ग पर जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस व यातायात पुलिस ने जाम खुलने के प्रयास शुरू किए। अधिक ट्रैक्टर-ट्राली होने के कारण पुलिस भी बेबस नजर आ रही थी। इस दौरान करीब दो घंटे जाम रहा। किसानों मंडी में धान बेचने की जल्दी दिख रही थी। मगर किसान अधिकांश अपना धान आढ़तियों के पास लेकर पहुंच रहे थे। वहीं सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन से चार ही किसानों के धान की तौल हो रही थी।
सरकारी क्रय केंद्र पर गीला धान लेने में कर्मचारी आना-कानी करते हैं। वहीं मंडी समिति में आढ़तियों के यहां धान 2200 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल के अच्छे दाम मिल रहे हैं। धान गीला होने पर भी आढ़ती द्वारा खरीद की जा रही है। बेचने के तुरंत बाद ही भुगतान किया जा रहा है। इसलिए मैं अपना धान आढ़तियों के पास बेचने आया हूं।
पूरन लाल, गांव गुमथल, चंदौसी
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराने की प्रक्रिया लंबी होने के कारण अपना धान आढ़तियों के यहां बेचने आया हूं। वैसे भी बारिश से काफी फसल बर्बाद हो गई है। जो धान की फसल बची है, उस फसल को तुरंत बेच दिया है। आढ़तियों के यहां धान बेचने पर तुरंत भुगतान किया जा रहा है।
मूलचंद्र, गांव आटा, चंदौसी
किसान मंडी समिति पर धान बेचने आ रहे हैं। अधिक ट्रैक्टर ट्राली होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। मंगलवार को जाम से निपटने के लिए पुलिस से व्यवस्था कराई जाएगी और लाइन लगवाई जाएगी। ताकि बाईपास मार्ग पर जाम के कारण लोगों को परेशानी न हो।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम, चंदौसी