संभल। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर जिले की सीमाओं पर पुलिस के बैरियर लगे रहे। पुलिस ने चेकिंग की। डीआईजी गंगा नाथ त्रिपाठी ने असमोली में चेकिंग कराई। दिल्ली जाने वालों पर पुलिस की निगरानी रही पर किसान नेता और किसान संगठनों के कार्यकर्ता मुख्य मार्गों को छोड़कर बिना झंडा, बैनर के वाहनों से शनिवार को रात से और रविवार को दोपहर तक अलग-अलग समय में दिल्ली रवाना हुए।
भाकियू असली के मंडलीय महासचिव संजीव गांधी ने रविवार को शाम चार बजे बताया कि 24 घंटे में 500 कार्यकर्ता रोडवेज बसों और बाइकों से बिना झंडा बैनर के दिल्ली पहुंचे हैं। उनका कहना था कि चेकिंग से बचते बचाते 30 से अधिक ट्रैक्टरों पर सवार किसान मुख्य मार्गों को छोड़कर संभल जिले से सीधे हसनपुर और गजरौला पहुंचे हैं। इसके बाद दिल्ली गए हैं। वहीं शासन की ओर से संभल जिले में किसान आंदोलन के मद्देनजर कैंप कर रहे नोडल अधिकारी, डीआईजी गंगा नाथ त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली कूच रोकने के लिए किसान संगठनों के पदाधिकारियों से लगातार वार्ता की गई है। स्थानीय पदाधिकारियों की ओर से दिल्ली जाने के विषय में कोई जानकारी नहीं दी गई है। दिल्ली जाने वाले रास्तों पर पुलिस के पांच बैरियर लगे हैं। इन स्थानों पर चेकिंग के दौरान किसानों को समझा-बुझाकर रोका जाएगा। उनके जिले से अभी किसी किसान संगठन की ओर से दिल्ली कूच नहीं किया गया है।
भाकियू असली के जिलाध्यक्ष ने घर छोड़ा, फोन स्विच ऑफ
संभल। पुलिस और प्रशासन की निगरानी से बचने के लिए भाकियू असली के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने शविवार रात से ही अपना घर छोड़ दिया। साथ ही फोन को स्विच ऑफ कर दिया। क्योंकि उन्हें फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए जाने का अंदेशा था। मालूम हो कि दिल्ली कूच को लेकर राजपाल सिंह के घर पर पुलिस की पहरेदारी चल रही थी। उनसे शुक्रवार रात डीआईडी गंगा नाथ त्रिपाठी ने वार्ता कर उनसे दिल्ली कूच न करने का आग्रह किया था। बबराला में हुई वार्ता संबंधी बैठक में एसपी चक्रेश मिश्रा भी थे। लेकिन भाकियू नेता ने पुलिस अधिकारियों का आग्रह नहीं माना था। वह दिल्ली कूच पर अडिग हैं। उन्होंने अपने संगठन के दूसरे पदाधिकारियों के माध्यम से दिल्ली के लिए कार्यकर्ताओं को रवाना किया है। ब्यूरो
किसान नेताओं के घर पुलिस की पहरेदारी है जारी
संभल। किसान नेताओं के घर पुलिस की पहरेदारी जारी है। भाकियू असली के मंडलीय महासचिव संजीव गांधी के भदरौला स्थित निवास पर रविवार को पुलिस पहुंची लेकिन वह दिल्ली पहुंच गए थे। इसके साथ ही भाकियू असली के क्षेत्रीय नेता अर्जुन सिंह के यहां भी पुलिस ने दिल्ली कूच को लेकर जानकारी ली। ब्यूरो
रणनीति बताने से परहेज कर रहे किसान नेता
ओबरी/असमोली। क्षेत्र के किसान नेता अब दिल्ली कूच के विषय में अपनी रणनीति बताने से परहेज कर रहे हैं। असमोली क्षेत्र में भाकियू असली के नेता असरार बाबू ने कहा कि वह दिल्ली जाएंगे तो बताएंगे। भाकियू असली के नेता जयवीर सिंह ने कहा कि जब पुलिस और प्रशासन उन्हें रोक रहा है तो पहले क्यों बताएं। वहीं असमोली क्षेत्र के भाकियू नेता रामवीर त्यागी ने कहा कि वह 26 जनवरी को भोर में दिल्ली जाएंगे।