हरियाणा के जिला करनाल में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज होने पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही लाठीचार्ज कराने वाले प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा है।
शुक्रवार को भाकियू अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में बताया कि हरियाणा के करनाल में बस ताड़ा टोल प्लाजा पर संवैधानिक और शांतिपूर्ण ढंग से किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे। बताया कि 28 अगस्त को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। कहा कि वहां के एक प्रशासनिक अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर किसानों के सर फोड़ने के आदेश दिए। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसानों पर किए लाठीचार्ज में एक किसान की मौत हो गई जबकि सैकड़ों किसान गंभीर रूप से घायल हो गए।
मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया जाए और अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए। लाठीचार्ज में मृतक किसान सुशील काजल के आश्रितों को सरकारी नौकरी व परिवार को 25 लाख रुपये की धनराशि आर्थिक मदद के तौर पर दी जाए। साथ ही घायल किसानों का अच्छा उपचार दिलाकर परिवार के पालन पोषण में मदद किए जाने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलित होने की चेतावनी दी है।