चंदौसी। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर विभाग तैयारियों में जुटा है। प्रयोगशाला भी तैयार कर ली गई है। एक साल छात्र प्रयोगशाला से दूर रहे। कोरोना संक्रमण के चलते छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हुई थी। ऐसे में इंटरमीडिएट के विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। उन्हें डर सता रहा है कि साल भर लैब से दूर रहे तो अब कैसे प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे। जबकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि विद्यालयों में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी निगरानी में प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।
कोरोना संक्रमण के कारण अधिकांश समय विद्यालय बंद रहे हैं। जिस कारण विद्यालयों की लैब में पहुंच केमिस्ट्री का प्रेक्टिकल नहीं किए गए। इससे बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परेशानी होगी।
श्राव्या शर्मा, छात्रा इंटरमीडिएट, चंदौसी
विद्यालय प्रबंधन बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद छात्राओं को लैब में चार से पांच दिन प्रेक्टिकल कराए। इससे बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा में परेशानी नहीं होगी।
संगीता, छात्रा इंटरमीडिएट, चंदौसी
कोरोना काल में विद्यालय बंद होने पर ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई थी। जिससे विद्यालय की लैब में पहुंच प्रेक्टिकल करने का मौका अधिक नहीं मिला है। फिर भी तैयार पूरी है।
सुबोध कुमार, छात्र इंटरमीडिएट, चंदौसी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान थ्योरी को समझाया गया था। जब तक प्रेक्टिकल करने का मौका नहीं मिलता, तब तक कुछ समझ में नहीं आता। परीक्षा देने के दौरान परेशानी हो सकती है।
सार्थक, छात्र इंटरमीडिएट, चंदौसी
जब तक छात्र लैब में पहुंच प्रेक्टिकल नहीं करता, तब तक उसकी समझ में नहीं आता। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान थ्योरी ही समझाई गई थी। प्रयोगशाला में नहीं आने से प्रयोगात्मक परीक्षा देने में परेशानी होगी।
चंद्रवीर सिंह, केमिस्ट्री अध्यापक, एसएम इंटर कॉलेज, चंदौसी
कोरोना काल के बाद विद्यालय खुलने पर छात्राओं से लैब में प्रेक्टिकल करवाए जा रहे हैं। कोशिश यही रहेगी कि बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के दौरान छात्राओं को परेशानी न हो।
एसआर त्यागी, कैमिस्ट्री अध्यापक, बीएमजी इंटर कॉलेज, चंदौसी