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हेल्प डेस्क से पीड़ित महिलाओं को मिली हेल्प

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संभल/चंदौसी। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में जिले के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है।
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सोमवार को इसकी पड़ताल में कोतवाली चंदौसी, थाना बनियाठेर, धनारी, कुढ़फतेहगढ़, गुन्नौर में महिला हेल्प डेस्क संचालित मिलीं। लगातार शिकायतें भी आ रही थीं और उनका निस्तारण भी किया जा रहा था। पीड़ित महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क कारगर साबित हो रही है। वहीं, संभल जिले में गुन्नौर थाने में बनी महिला पिंक चौकी, चंदौसी के संभल गेट और संभल के चौधरी सराय में बनी महिला पिंक चौकी बंद मिली। चौधरी सराय में पिंक चौकी पर अभी तक इंचार्ज की तैनाती नहीं की गई है। वहीं, चंदौसी के संभल गेट और गुन्नौर के थाना परिसर में बनी पिंकी पर तैनात स्टाफ चुनाव में गया है।
केस 1- चंदौसी कोतवाली हेल्पडेस्क: समय दोपहर 12 बजे।
चंदौसी कोतवाली में बनी महिला हेल्प डेस्क पर दोपहर 12 बजे दो महिला पुलिस कर्मी शिकायत सुनते हुए मिलीं। पिछले दो माह में 26 शिकायतें आई हैं। इनमें पति-पत्नी व पारिवारिक शिकायतें थीं। इनमें 23 का निस्तारण करा दिया गया तथा तीन शिकायतों में मुकदमा दर्ज हुआ है।
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केस 2-थाना कुढ़फतेहगढ़ हेल्प डेस्क- समय दोपहर 2.10 बजे।
थाना कुढ़फतेहगढ़ में दोपहर 2.10 बजे कोई शिकायतकर्ता नहीं मिला। वहां तैनात महिला सिपाही गेट पर खड़ी थीं। बताया कि एक जनवरी से छह मार्च तक कुल 13 शिकायतें आई हैं। सभी पारिवारिक विवाद की शिकायतें थीं। 11 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है, दो शिकायत अभी पेंडिंग हैं।
केस-3 थाना गुन्नौर हेल्प डेस्क- समय शाम तीन बजे।
गुन्नौर थाने में शाम तीन बजे वहां बनी पिंक चौकी पर ताला लगा था। हेल्प डेस्क खाली थी। पिंक चौकी इंचार्ज रेखा ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के कारण पिंक चौकी बंद हैं। हेल्प डेस्क से ही महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। हेल्प डेस्क पर दो माह में 73 शिकायतें मिली हैं। सभी दहेज उत्पीड़न और मारपीट की थी। 64 शिकायतों का समझौते के आधार पर निस्तारण हो गया। दो मामलों में मुकदमा दर्ज हुआ है। सात शिकायत अभी पेंडिंग हैं।
4- संभल कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क मिली बंद
सोमवार दोपहर में संभल कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क बंद मिली। थाना जुनावई का तीन नवंबर 2021 को उद्घाटन हुआ था, लेकिन अभी महिला हेल्प डेस्क शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा धनारी थाना कोतवाली की महिला हेल्प डेस्क पर महिला सिपाही तैनात मिलीं। उन्होंने बताया कि दो माह में अभी तक 32 शिकायतें आई हैं। 28 शिकायतों का निस्तारण हुआ है। तीन शिकायतों में शांतिभंग और एक छेड़खानी का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा थाना नखासा की महिला हेल्प डेस्क पर 26, थाना हयातनगर में दस शिकायत दर्ज हुई। सभी का निस्तारण करा दिया गया।
महिलाओं की सुनवाई के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाई गईं हैं, जिससे महिलाओं को काफी हद तक मदद भी मिली हैं। अभी महिलाओं में जागरूकता की कमी है। पुलिस विभाग जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगा. जिससे महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस की मदद लें। तहसील स्तर पर पिंकी पुलिस चौकी बनी है। पिंक पुलिस चौकी पर स्टाफ की पूरी तैनाती जल्द की जाएगी।
चक्रेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक, संभल
महिलाओं के उत्पीड़न के लगातार बढ़ रहे हैं मामले
संभल। शासन और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद जिले में महिलाओं के उत्पीड़न लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी गवाही पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े खुद बयान कर रहे हैं।
संभल जिले में वर्ष 2021 में महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा उत्पीड़न हुआ। इसमें पुलिस ने कार्रवाई भी की। जबकि 2020 में महिला उत्पीड़न के मामले 2021 की तुलना में कम थे। पुलिस विभाग की ओर से पिंक पुलिस चौकी और महिला हेल्प डेस्क बनाई, जिससे महिला पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर तत्काल उनका समाधान किया जा सके। पिंक पुलिस चौकी पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो पा रही है। हालांकि महिला हेल्प डेस्क से काफी हद तक महिलाओं को मदद मिली है।
हेल्प डेस्क पर सबसे ज्यादा मामले महिला उत्पीड़न के मामले पहुंचते हैं। वर्ष 2020 में महिला उत्पीड़न के मामले 168 थे और 2021 में यह मामले बढ़कर 203 पहुंच गए। 2022 में मार्च के पहले सप्ताह तक 30 मामले आए हैं।
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एक नजर इधर भी
वर्ष - हत्या- दुष्कर्म- अपहरण- शीलभंग- छेड़खानी- उत्पीड़न- दहेज हत्या
2020 - 12- 23- 68- 84- 6- 168- 29
2021- 11- 30- 101- 88- 6- 203- 26
2022- 2- 2- 7- 16- 1 20- 2
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