ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलेमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एआईएमआईएम पर लगने वाले वोट काटने के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोई हमारे सामने मंच पर आए और बताए कि हम कैसे वोट काटते हैं। ओवैसी ने कहा कि तर्कों के साथ बात करने के लिए उनके सामने कोई पांच मिनट नहीं बैठ सकता।
बुधवार को वह सिरसी में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सपा और बसपा ने लोकसभा का चुनाव मिलकर लड़ा तो क्या रिजल्ट मिला। इन्हीं दलों के मतदाताओं ने भाजपा को वोट दिया तब भाजपा की सरकार बनी। अखिलेश यादव को हिंदू वोट नहीं मिला, इसलिए उनकी सरकार नहीं बनी लेकिन यह बात कोई नहीं कहता।
ओवैसी ने कहा कि हमसे पूछा जाता है कि अतीक अहमद को पार्टी में क्यों लिया गया है। वह तो बाहुबली हैं। सवालिया अंदाज में बोले कि कौन सा दल ऐसा है, जिसमें ऐसे नेता नहीं हैं, जिनके खिलाफ केस दर्ज नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि उन्होंने अपनों के केस वापस कराए। मुजफ्फरनगर दंगे के 70 केस वापस कराए।
दूसरी ओर इस शासन में मुस्लिम को बाहुबली और गैंगस्टर के नाम पर पैर में गोली मारी जा रही है। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे के साथ संभल में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए बवाल के दौरान मारे गए दो युवकों का भी जिक्र किया।
शायर राहत इंदौरी के कई शेर पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार को चुनाव जिताने का आह्वान किया। सम्मेलन के दौरान मंच पर हाजी मोहम्मद इमरान, मुशीर खां तरीन, शहजादा खां, सय्यद असलम, मोहम्मद नाजिम, मोअज्जम खां, मुशीर चौधरी, आतिर हुसैन आदि मौजूद रहे।