सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में सर्वाइकल कैंसर को लेकर आयोजित जागरूकता सप्ताह में महिलाओं को सचेत करते हुए सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बताते हुए बचाव के लिए टिप्स भी दिए।
पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह के सहयोग से राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाली और डॉ. अंशी ने महिलाओं की जांच कर नमूने लिए। डॉ. दीपाली सिंह ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं की एक गंभीर बीमारी है जिसके होने के उपरांत बेहद कठिन शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 10 से 12 वर्ष की किशोरियों को भी सर्वाइकल कैंसर के लक्षण उभर सकते हैं।
डॉ. दीपाली ने कहा कि महिलाओं की थोड़ी सी जागरूकता उनका भविष्य सुरक्षित कर सकती है महिलाओं को चाहिए कि वे स्त्री रोग विशेषज्ञ की बातों को ध्यान से सुनें तथा शरीर में हो रहे बदलावों पर ध्यान रखते हुए समय समय पर महिला चिकित्सक से सलाह लेते रहें ।
सर्वाइकल कैंसर के कारण
- 18 वर्ष की आयु से पूर्व यौन संबंध बनाना
- एक से अधिक व्यक्तियों के साथ यौन संबंध रखना
- कई बार गर्भधारण
- बिना चिकित्सक की सलाह के लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना
- कमजोर प्रतिरक्षण प्रणाली
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
- संभोग के दौरान रक्तस्राव होना
- दो महावारियों के बीच अचानक रक्तस्राव होना
- रजोनिवृत्ति काल बीतने के बावजूद भी रक्तस्राव होना