सहारनपुर। कोरोना काल के बीच कुपोषण को कम करने से उद्देश्य से तीन माह तक विशेष अभियान चलेगा, जिसे संभव अभियान का नाम दिया गया है। इसके तहत कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के साथ ही उनको स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी योजनाओं से लाभांवित किया जाएगा।
सितंबर तक चलने वाले संभव अभियान में जनपद की 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। माह में दो बार उनका वजन करने के साथ ही पोषाहार वितरित किया जाएगा। अति कुपोषित बच्चों को चिकित्सालय में उपचार दिलाया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों के परिजनों को भी जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही जिले की गर्भवती और धात्री महिलाओं को आयरन की गोलियां और पोषाहार के पैकेट वितरित किए जाएंगे। उन केंद्रों पर कुपोषण वाटिकाओं का निर्माण कराया जाएगा, जहां पर अभी पोषण वाटिका नहीं बन पाई है। इसके अलावा प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कुपोषण को दूर करने के टिप्स दिए जाएंगे। इसमें समस्त आंगनबाड़ी घर-घर भी जाएंगी।
कोरोना से बचाव और सफाई के प्रति भी करेंगे जागरूक
लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग करने एवं वैक्सीन लगाए जाने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही साफ-सफाई का ध्यान रखने पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
एक नजर आंकड़ों पर
जिले में 20 हजार कुपोषित बच्चे हैं।
1400 अति कुपोषित बच्चे हैं।
67 हजार धात्री व गर्भवती महिलाएं हैं।
संभव अभियान की शुरूआत कर दी गई है। इसके तहत प्रत्येक दिवस में आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ भी दिलाया जाएगा। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। -आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी