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शौक बड़ी चीज: फोटोग्राफी के जुनून में कैद कर लीं अविस्मरणीय तस्वीरें, देखकर आप भी करेंगे तारीफ

Fri, 20 Aug 2021 08:21 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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फोटोग्राफी का शौक। - फोटो : amar ujala
शौक बड़ी चीज है..., जिसे पूरा करने में समय और खर्च की हद नहीं देखी जाती। ऐसा ही शौक है फोटोग्राफी का। प्रकृति और वन्यजीवों के फोटो कैमरे में कैद करने का जुनून ऐसा है कि सैकड़ों किलोमीटर दूर तक चले जाते हैं। इंतजार करते हैं उस पल का, जिसे देखने की बेताबी रहती है। ऐसे अनेक फोटोग्राफर सहारनपुर जिले में हैं, जिनमें कोई 20 साल तो कोई 25 साल से जुड़ा है। इन्होंने अनेक ऐसे फोटो खींचे जो चर्चाओं में रहे। सहारनपुर से शिवालिक और उससे आगे के विशाल पहाड़ों की खींची गई फोटो भी बेहद खास रही हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस (19 अगस्त) पर ऐसे ही लोगों के बारे में रिपोर्ट...

रील से डीएसएलआर तक का सफर
जब फोटोग्राफी शुरू की थी तब हॉट शॉट कैमरा आता था, जिसमें रील डालते थे और फिर निगेटिव से फोटो बनवाते थे। अब उसकी जगह डीएसएलआर ने ले ली और उसमें भी अत्याधुनिक लैंस आए गए, जिनके प्रयोग से दूर की तस्वीर भी कैमरे में आसानी से कैद हो जाती है। इस बदलाव ने पेशेवर फोटोग्राफरों के लिए कुछ सहूलियत की तो कारोबार की दृष्टि से कुछ खामियां भी आईं। यही वजह है कि फोटो कलर लैब का कारोबार भी सिमट गया, जबकि पूर्व में शहर में एक नहीं, बल्कि कई फोटो कलर लैब होती थीं।
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डॉक्टर विवेक बनर्जी द्वारा रानीपुर रेंज सफारी में ली गई आक्रामक मुद्रा वाले हाथी की तस्वीर - फोटो : amar ujala
चूहे का शिकार करती किंगफिशर की फोटो है यादगार
पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक बनर्जी लंबे समय से फोटोग्राफी का शौक रखते हैं। वह बताते हैं कि रानीपुर रेंज की सफारी में छह साल पहले हाथी का फोटो खींचा। हाथी गस्से में था और चिंघाड़ कर हमारी जीप की तरफ भागा, लेकिन तब तक तस्वीर कैमरे में कैद हो चुकी थी। पुष्कर के मेले में खानाबदोश युवती की आकर्षक आंखों वाली तस्वीर के लिए ऑल इंडिया फोटोग्राफी कांटेस्ट फॉर डॉक्टर- डॉकलिक्स में पेडियाट्रिशियन में प्रथम स्थान मिला।
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डॉ. विवेक बनर्जी द्वारा ली गई तस्वीर, जिसमें किंगफिशर एक चूहे का शिकार कर रही है। - फोटो : amar ujala
वहीं, चूहे का शिकार करती किंगफिशर की तस्वीर बाजोरिया मार्ग पर अपने नर्सिंग होम के सामने से खींची, जो लंदन के डेली मेल अखबार में भी प्रकाशित हुई।

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अमित कक्कड़ द्वारा सोलानी नदी के पुल के पास से ली गई तस्वीर - फोटो : amar ujala
हर की पौड़ी पर दीयों का विहंगम दृश्य
फोटोग्राफर अमित कक्कड़ पूर्व में 10 साल तक फाइनेंस सेक्टर में नौकरी कर चुके हैं। इसके बाद प्रोफेशनल तौर पर फोटोग्राफी करने लगे। वह बताते हैं कि हर की पौड़ी पर शाम के समय ली गई तस्वीर अविस्मरणीय रही, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ के अलावा गंगा नदी में बहते दीये और आसपास हुई सजावट से विहंगम दृश्य मनमोहक था। इसके अलावा बिहारीगढ़ से पहले सोलानी नदी के पुराने पुल की तस्वीर भी बेहद शानदार रही, जिसमें पुल का हिस्सा पानी में दिख रहा था। मानसून का सीजन था, तो ऊपर आसमान में गोल्डन रंग के बादल आए।
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राजीव उपाध्याय यायावर द्वारा स्ट्रीट लाइट के खंभे पर सूरज के बैकग्राउंड वाली तस्वीर - फोटो : amar ujala
सूरज और चांद को बैकग्राउंड में लेना पसंद
शोधार्थी राजीव उपाध्याय यायावर को प्रकृति से सीधे चित्र लेने में प्रवीणता है तो सूरज और चांद को बैकग्राउंड में लेकर फोटोग्राफी करना पसंद है। वह बताते हैं कि ऐतिहासिक धरोहरें भी कैमरे से संजोईं। स्ट्रीट लाइट के खंभे के निकट आते सूरज की तस्वीर भी यादगार है। उन्हें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत नेहरू युवा केन्द्र द्वारा वर्ष 2012 में आयोजित राष्ट्रीय युवा फोटोग्राफी कैंप में चयनित किया गया था।
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