सहारनपुर। शासन स्तर से चिकित्सा विभाग में डॉक्टरों और कर्मचारियों के किए जा रहे स्थानांतरण से समस्या पैदा हो रही है। नया मामला बेहोशी के दो डॉक्टरों के स्थानांतरण से जुड़ा है। यदि उक्त डॉक्टरों की यहां से रवानगी होती है तो निश्चित तौर पर सर्जरी में परेशानी खड़ी होने वाली है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
एसबीडी जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में वर्तमान में बेहोशी के चार डॉक्टर हैं। इनका काम सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश करना होता है। हाल ही में शासन ने जिला महिला अस्पताल में तैनात बेहोशी के डॉक्टर महेश ग्रोवर का स्थानांतरण बागपत किया है। इसी प्रकार एसबीडी जिला अस्पताल में तैनात बेहोशी के डॉक्टर हेमंत रस्तोगी का स्थानांतरण बुलंदशहर किया गया है। अब यदि दोनों डॉक्टरों की रवानगी होती है तो विभाग के पास बेहोशी के मात्र दो चिकित्सक रह जाएंगे। मात्र दो चिकित्सक पर पूरा भार आने के बाद सर्जरी में परेशानी खड़ी होगी। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों ने दोनों डॉक्टरों का ट्रांसफर रुकवाने के लिए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से अनुरोध किया है। चिकित्साधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जिलाधिकारी के माध्यम से शासन में पत्राचार भी किया गया है।
25 कर्मचारी गए, मिले मात्र पांच
जुलाई माह में सीएमओ कार्यालय में तैनात 25 कर्मचारियों का स्थानांतरण शासन के द्वारा किया गया था। सभी 25 कर्मचारियों को समय से कार्य मुक्त कर उनके स्थानांतरण वाले जनपदों में भेज दिया गया था, मगर हैरत की बात यह है कि 25 कर्मचारी जाने के बाद मात्र पांच कर्मचारी सहारनपुर आए हैं। इसकी वजह से विभागीय तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बेहोशी के डॉक्टरों के स्थानांतरण से सर्जरी की व्यवस्था गड़बड़ाएगी। ऐसे में जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि वह अपने स्तर से जनहित में स्थानांतरण रुकवाएं। जिलाधिकारी की ओर से अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ