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केंद्रों के पास नहीं है भूमि, कैसे बनेंगी 1715 पोषण वाटिका

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सहारनपुर। जिले के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं बनाए जाने की योजना अधर में लटक गई है। विभाग के पास से 1715 केंद्रों पर जगह ही नहीं है। इसलिए इन जगहों पर कार्य शुरू नहीं हो पाया, जबकि 1237 पर पोषण वाटिका बनाने कार्य आरंभ हुआ है। इन वाटिकाओं से कुपोषित व अत्यंत कुपोषित बच्चों को पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराई जानी है।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने 1237 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं बनाने का कार्य शुरू किया। मार्च तक सभी 3410 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं बनाई जाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 1715 केंद्र प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे हैं। इन विद्यालयों में जगह न मिलने की वजह से पोषण वाटिकाओं का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। इसी तरह किराए पर चल रहे 455 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वाटिकाओं के निर्माण को लेकर पेंच फंसा है।
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पात्रों तक पहुंचानी हैं हरी सब्जियां
एक पोषण वाटिका से केंद्र से संबंधित कुपोषित, अत्यंत कुपोषित व गर्भवती महिलाओं को हरी सब्जियां पहुंचाए जाने की योजना है, लेकिन जगह न मिलने की वजह योजना परवान नहीं चढ़ रही है।
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यह पौधे किए जाने हैं रोपित
-- पोषण वाटिका में कटहल, पपीते, सोयाबीन, आम, सहजन, पालक, शलजम, टमाटर, अमरूद, सोयाबीन सहित अनेक हरी सब्जियों की पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जाना है।
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एक नजर में पात्रों की संख्या
-- जिले में 21340 कुपोषित व 1821 अत्यंत कुपोषित बच्चे हैं।
-- 33255 गर्भवती व 30 हजार धात्री महिलाएं हैं।
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वर्जन:-
1237 केंद्रों पर पोषण वाटिका का कार्य शुरू हुआ है। जिन केंद्रों के पास जगह नहीं है, उनके लिए ग्राम समाज की भूमि तलाश की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है मार्च तक सभी केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं बना दी जाएं, लेकिन भूमि न होने की वजह से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।----------आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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