सहारनपुर। खनिज सामग्री के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट स्थापित करने की कवायद दस महीने बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जिले में दो स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट लगाए जाने हैं। इन चेक गेट के माध्यम से खनिज के अवैध परिवहन पर नजर रखी जानी है।
जनपद में लगातार खनिज के अवैध परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कभी बिना वैध प्रपत्रों के हो रहा अवैध परिवहन पकड़ा जाता है तो कभी ओवरलोडेड वाहन पकड़ में आ रहे हैं। पुलिस, खान विभाग और प्रशासन की तमाम कार्रवाइयों के बावजूद खनिज का अवैध परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जब भी चेकिंग होती तो कोई ना कोई मामला जरूर सामने आ जाता है। खनिज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खान विभाग ने जनपद में दो इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट बनाने की कवायद करीब दस महीने पहले शुरू की थी। इसके तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के लिए माइन टैग लगवाना अनिवार्य कर दिया। 1600 से अधिक वाहनों में माइन टैग भी लग गए हैं, लेकिन अभी तक इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट नहीं लग पाए हैं।
इस तरह से काम करेगा चेक गेट
खान विभाग ने खनिज की ढुलाई करने वाले सभी वाहनों में माइन टैग लगवाना अनिवार्य कर रखा है। माइन टैग लगे वाहन में खनिज भरने के बाद ही वाहन का ऑनलाइन प्रपत्र जारी होता है। इस प्रपत्र में खनिज का नाम और उसकी मात्रा भी अंकित रहती है। इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट से गुजरते समय माइन टैग लगे वाहनों में खनिज और उसकी मात्रा का पता चल जाएगा। यदि वाहन के पास वैध प्रपत्र नहीं होंगे या मानक से अधिक खनिज भरा होगा तो उसका तत्काल एलर्ट कलक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम को भेजेगा। जिससे सचल दल सक्रिय होकर संबंधित वाहन को पकड़ लेगा।
चेक गेट लगाने के लिए सर्वे हुआ
जनपद में शाहजहांपुर और चिलकाना में इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट लगाने के लिए हाल ही में यूपी डेस्को और एनएचएआई की टीम ने सर्वे किया है। एनओसी मिलने के बाद जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट लगवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। --- भूपेंद्र यादव, जिला खान अधिकारी।