डॉ. नवदीप ने तीनों शिफ्ट में काम करने को अव्यवहारिक बताया है। उन्होंने अधिकारियों के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल एक ही शिफ्ट में काम कर सकेंगे। ऐसे में बाकी दो शिफ्ट में यदि किसी गर्भवती के ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो उनके सामने मुश्किल खड़ी होगी।
प्रतिदिन होते हैं 15 से 20 ऑपरेशन
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 गर्भवतियों के प्रसव ऑपरेशन के द्वारा किए जाते हैं। बीते माह जिला महिला अस्पताल ने 460 महिलाओं के ऑपरेशन कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। इनमें रात के भी 155 ऑपरेशन शामिल थे।
जिला महिला अस्पताल में बेहोशी का केवल एक डॉक्टर रह गया है, जिससे तीनों शिफ्ट में काम लिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में हमारे और बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाली गरीब घरों की गर्भवतियों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। शासन को पत्र लिखकर बेहोशी के डॉक्टर की मांग की गई है। -डॉ. इंदिरा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल