ऐसे जारी होता है ई-स्टांप
ई स्टांप जनरेट करने के लिए वेंडर को सबसे पहले स्टांप पेपर खरीदार का ऑनलाइन फार्म भरना होता है। उसमें खरीदार के पहचानपत्र की कॉपी लगाई जाती है। फिर साधारण कागज पर प्रिंट करके उसमें भरी गई त्रुटियों को दूर किया जाता है। इसके बाद स्टॉक होल्डिंग से मंगाए विशेष कागज पर ई स्टांप छापा जाता है।
बांड पेपर पर 500 रुपये से कम वाले ही स्टांप
500 रुपये तक के ई स्टांप को बांड पेपर पर ही छापा जा रहा है, जबकि इससे अधिक कीमत के ई स्टांप को स्टॉक होल्डिंग दफ्तर से बुक करके मंगाए विशेष कागज पर छापा जा सकता है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोशन ऑफ इंडिया का दफ्तर सहारनपुर के सिविल कोर्ट परिसर में है।
यह भी पढ़ें: आखिर मिट्टी में मिल गया मोस्ट वांटेड बद्दो का खौफ, जमींदोज हुई आलीशान कोठी, देखिए तस्वीरें
कानपुर स्थित गोदाम से स्टांप पेपरों की अंतिम खेप जिले में आई है। इन स्टांप पेपरों की बिक्री चल रही है। इनके समाप्त होने पर ई स्टांपिंग व्यवस्था ही पूरी तरह लागू हो जाएगी।
- सत्येंद्र सागर, मुख्य कोषाधिकारी
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/