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हक की बात कार्यक्रम में आई छह शिकायतें

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हक की बात में कलेक्ट्रेट सभा साहब कोरोना काल में मॉ भी चली गयी ना राशन मिला ना आर्थिक सहायता इ अधिक - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम में महिलाओं को यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, बाल श्रम, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, पॉक्सो एक्ट आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सुनवाई के दौरान छह शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिनको निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
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शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा नामित डिप्टी कलक्टर एसएन शर्मा, उप निदेशक महिला कल्याण पुष्पेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह ने महिलाओं एवं बच्चों की समस्याओं की सुनवाई की। कार्यक्रम में दो मामले घरेलू हिंसा और जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना निदेशक डूडा, जिला पूर्ति अधिकारी, खंड विकास अधिकारी पुवांरका से संबंधित एक एक मामला आया। इनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। उप निदेशक महिला कल्याण पुष्पेन्द्र सिंह ने यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, बाल श्रम, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, पॉक्सो एक्ट आदि की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने महिलाओं एवं बालिकाओं को संरक्षण, कानूनी सहायता आदि पर विचार रखे। जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह ने कोविड-19 से प्रभावित 23 बच्चों एवं उनके अभिभावकों की समस्याओं को सुनी। उन्होंने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के विषय में जानकारी दी।
न राशन मिला और ना ही आर्थिक सहायता
सहारनपुर। हक की बात कार्यक्रम में अपने भांजे आयुष के साथ पहुंची मोहल्ला शांतिनगर निवासी पुष्पा देवी अपनी शिकायत रखते हुए रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि उनके बहनोई की मृत्यु नौ वर्ष पहले हो गई थी। कोरोना काल में करीब तीन महीने पहले उनकी बहन रेखा देवी की भी मौत हो गई। अब बहन के परिवार में एक भांजा और दो भांजी ही रह गई हैं। जिनकी देखभाल वे ही कर रही हैं। अनाथ होने के बावजूद भांजे को न तो राशन मिल रहा है और न ही कोई आर्थिक सहायता ही अब तक मिली है, जबकि वे पूर्ति विभाग के कार्यालय में कई बार जा चुकी है। पुवांरका ब्लाक के गांव शाहपुर निवासी पूनम ने आवास दिलाने की मांग की।
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