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स्वतंत्रता की याद.. स्मारक स्थल... पर नहीं लेते सुध

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सहारनपुर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का दमन करने के लिए अंग्रेज हुकूमत के अफसरों ने जमकर बर्बरता की थी। गांवों को जलाया गय, तो क्रांतिकारियों को फांसी पर चढ़ा दिया था। सहारनपुर शहर में ही तीन स्थानों पर क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी। जिनमें से एक स्थान ललिता बाजार में है। वहां शहीद स्मारक बना है, जिस पर हर साल क्रांतिकारियों की याद में पुष्पांजलि अर्पित की जाती है, मगर देखरेख के अभाव में शहीद स्मारक की जमीन पर अतिक्रमण तक हो रहा है।
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वर्तमान में इसे लोहा बाजार के नाम से जाना जाता है। लेकिन पूर्व में इसका नाम ललिता प्रसाद अख्तर बाजार हुआ करता था। पुरानी कोतवाली भी यहीं हुआ करती थी। वहां पर पीपल के पेड़ पर असंख्य लोगों को फांसी दी गई थी। उनमें से एक अब्दुल रहीम खां का नाम बहुचर्चित है। इसके अलावा पुरानी कोतवाली के सामने ही कुछ लोगों को तोप के मुंह पर बांधकर मार दिया गया था।
देखरेख का अभाव, रंगाई न पुताई
शहीद स्मारक महज छह वर्ग फुट के दायरे में बना है। उसके पीछे एक कुआं है, जो पाट दिया गया था, लेकिन उस पर छतरी जरूर लगी है। जिस पेड़ पर क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी, वह तो पीपल का था, लेकिन वर्तमान में यहां बरगद का पेड़ जरूर खड़ा है। स्मारक स्थल पर रंगाई पुताई तक नहीं हो पाई है। इसके अलावा स्मारक के आगे वाहन खड़े किए जाते हैं और दुकानदार अपना सामान भी लगा देते हैं, जिससे आसानी से पता नहीं चलता कि यहां शहीद स्मारक है।
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फुलवारी आश्रम का भी यही हाल
क्रांतिकारियों के प्रमुख स्थल के रूप में शहर का फुलवारी आश्रम भी शामिल है। शहीद ए आजम भगत सिंह भी यहां आकर ठहरते थे। इसके परिवार में बने मंदिर में गुफा थी, जिसमें क्रांतिकारियों को छिपा दिया जाता था। फुलवारी आश्रम के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण को लेकर नगर निगम ने योजना तो बनाई, लेकिन काम कुछ नहीं किया। यहां टूटी हुई बेंच, मंदिर की दीवार से झड़ रहा प्लास्टर इसकी गवाही देते हैं। साथ ही बोर्ड आदि भी बेकार हो चुके हैं।
फुलवारी आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जगमोहन भारद्वाज का कहना है कि चार महीना पहले निगम और प्रशासनिक अधिकारी यहां आए थे, तब बताया गया था कि जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का कार्य होगा। हालांकि अभी कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है।

- सहारनपुर के फुलवारी आश्रम में जर्जर बोर्ड- फोटो : SAHARANPUR

- सहारनपुर के ललता बाजार में स्थित शहीद स्मारक- फोटो : SAHARANPUR

- सहारनपुर के ललता बाजार में स्थित शहीद स्मारक को घेरकर रखा गया सामान और आगे खड़ा स्कूटर- फोटो : SAHARANPUR

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