तीतरो। जिस डकैती को पुलिस शुरू में संदिग्ध मान रही थी दो माह बाद पुलिस ने उसका खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस खुलासे के अनुसार वारदात आठ बदमाशों ने अंजाम दी थी जिनमें से अभी पांच फरार हैं।
दो माह पूर्व तीतरो स्थित कच्ची गढ़ी मार्ग पर मुफ्ती मोबिन के घर पर बदमाशों ने परिजनों को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। शुरू में पुलिस ने मामले को संदिग्ध बता कर पीड़ित की तहरीर लेकर औपचारिकताएं पूरी की थी। इसके बाद पीड़ित ने प्रेस वार्ता कर अपने साथ हुई हुई घटना की जानकारी देते हुए पुलिस के द्वारा उचित कार्रवाई न करने पर नाराजगी व्यक्त की थी। मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद ही पुलिस हरकत में आई। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक मंगलवार को गश्त के दौरान फूंसगढ़ की पुलिया पर तीन संदिग्ध किस्म के लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने मुफ्ती मोबिन के घर पर लूट की घटना को स्वीकार करते हुए लूट की गई धनराशि 16 हजार रुपये व एक तमंचा व तीन कारतूस बरामद किए हैं। बदमाशों की पहचान इमरान पुत्र खान मोहम्मद, शाहजेब पुत्र शमशाद उर्फ चंपत निवासी मोहल्ला अफगानान कला तीतरो व सूफियान पुत्र यूनुस निवासी शेखजादगान तीतरो के रूप में हुई, जबकि बदमाशों के पांच साथी अभी फरार हैं। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़ित झाड़ फूंक का कार्य करता है। किसी व्यक्ति की झाड़-फूंक कराने के बहाने ही आरोपितों ने घटना को अंजाम दिया था। बदमाशों के विरुद्ध थाना तीतरो में दर्जनभर से ज्यादा आपराधिक मामले पंजीकृत हैं। आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है।