पीएम मोदी ने दिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा : प्रजापति
बेहट (सहारनपुर)। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष लोकेश प्रजापति ने कहा कि पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम पीएम मोदी ने किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में भ्रष्टाचार और अपराध का खात्मा हुआ है और प्रदेश खुशहाली की तरफ बढ़ा है। कहा कि इसी के बूते भाजपा प्रचंड बहुमत से फिर से सरकार बनाएगी।
जनता इंटर कॉलेज के मैदान में भाजपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में लोकेश प्रजापति ने कहा कि 1952 में काका कालेकर के नाम से कमीशन बना था। इस कमीशन ने 1955 में भारत सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी कि देश में 52 प्रतिशत पिछड़ी जाति के लोग वास करते हैं, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार ने कमीशन की रिपोर्ट के बाद भी पिछड़ी जातियों को आरक्षण नहीं दिया था। 1977 में पिछड़े वर्ग के लोगों ने काका कालेकर कमीशन की रिपोर्ट को लागू करने की मांग उठाई। 1993 में कांग्रेस सरकार ने पिछड़ा आयोग बनाकर उसे एससी कमीशन से संबद्ध कर दिया, लेकिन अगस्त 2018 में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। आज उसी की परिणाम है कि एमबीबीएस की सीटों में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए की घोषणा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को अराजक प्रदेश के रूप में जाना जाता था। गुंडे और माफियाओं की दहशत से उद्योगपति यहां निवेश नहीं करते थे और व्यापारी भी पलायन कर रहा था। योगी सरकार में अपराध और अपराधी दोनों पर लगाम लगी है। पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवेंद्र जांगड़ा ने कहा कि प्रदेश में अब सरकारी नौकरियों में घूस लेने वाले जेल में बंद हैं। युवाओं को रोजगार और नौकरी मिल रही है। जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी, जिला उपाध्यक्ष सोनेंद्र राणा, जिपं अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, बेहट विस क्षेत्र प्रभारी देवव्रत त्यागी, पूर्व विधायक जगपाल सिंह, चेतन सैनी ने भी संबोधित किया। पूर्व विधायक महावीर सिंह राणा, अभय राणा, मुकेश चौधरी, साहब सिंह पुंडीर, ब्लॉक प्रमुख विश्वास चौधरी, मुल्कीराज सैनी, विजेंद्र सैनी, सुभाष सैनी, विजय सैनी, मोहित जैन, जसंवत सिंह, श्रीपाल शर्मा, बंशीलाल उपाध्याय, सुधीर राणा चेयरमैन, विनय चौहान, चौधरी रामकुमार प्रधान रहे।
शक्ति प्रदर्शन करने की होड़ में भिड़े दो नेताओं के समर्थक
जनता इंटर कॉलेज में आयोजित भाजपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में शक्ति प्रदर्शन करने की होड़ में दो नेताओं के समर्थक नारेबाजी करने के दौरान आपस में भिड़ बैठे। मंच पर उपस्थित नेताओं ने बीच-बचाव कराकर स्थिति को संभाला।