सिद्वपीठ शाकंभरी क्षेत्र में लगी श्रद्वालुओं की कतार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विख्यात धार्मिक एवं एतिहासिक स्थल सिद्ध पीठ श्री शाकंभरी देवी में प्रथम शारदीय नवरात्र के पर्व पर अटूट आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
गुरुवार को तड़के से ही यूपी सहित पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड के अलावा दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जगत जननी मां शाकंभरी देवी के दर्शन करने के लिए सिद्धपीठ में पहुंचना शुरू हो गया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार पहले श्रद्धालुओं ने सिद्धपीठ में प्रहरी के रूप में जाने जाने वाले बाबा भूरादेव के दर्शन किए और उसके बाद मां शाकंभरी देवी के पावन चरणों में अपना मत्था टेका और परिवार की सुख समृद्धि के लिए मंगल कामना की। मान्यता है कि बाबा भूरादेव के दर्शनों के बिना माता के दर्शन अधूरे माने जाते है।
पैदल और लेटकर जाने वाले श्रद्धालु भी लगातार माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। अटूट आस्था और विश्वास के साथ सिद्धपीठ में पहुंचे माता के भक्तों द्वारा बोले जा रहे जयकारों से दिन भर शिवालिक पहाड़िया गूंज उठी। सुबह से ही श्रद्धालुओं के वाहनों का काफिला उमड़ना शुरू हो गया था। दोपहर दो बजे तक भीड़ का लगातार पहुंचना जारी रहा। हालांकि तीन बजे के बाद भीड़ कम होनी शुरू हो गई थी।
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वहीं एकबारगी तो यह आलम बना कि माता के मंदिर के मुख्य द्वार पर श्रद्धालुओं की भीड़ के सामने व्यवस्था बनाने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। मेला इंचार्ज विंध्याचल तिवारी एवं शाकंभरी चौकी इंचार्ज रामवीर सिंह व्यवस्था की कमान संभाले रहे। श्रद्धालुओं ने कई कई घंटे लाइनों में लग कर आदि शक्ति मां भगवती के दर्शन किए।
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