नगर कीर्तन का स्वागत करते मुस्लिम समुदाय के लोग
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सरसावा (सहारनपुर)। सिख समाज द्वारा साहिब श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्सव धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने गुरु नानक देव की वाणी से संगत को निहाल करते हुए कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है। नगर कीर्तन का आयोजन भी किया गया।
सिख समाज द्वारा बृहस्पतिवार को प्रथम पातशाही गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह के समय गुरुद्वारा साहिब में 11 दिन से चल रही प्रभात फे रियों का समापन हुआ तथा गुरुद्वारे में दो दिन पूर्व रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। गुरुद्वारा साहिब के दरबार हाल में कीर्तन दरबार सजाकर रागी जत्थों ने विशाल संगत को गुरबाणी से निहाल किया। भाई मनमोहन सिंह निमाना जगाधरी वाले, भाई दलजीत सिंह माजरी वाले तथा हजूरी रागी ज्ञानी अमरजीत सिंह ने साहिब श्री गुरु नानक देव जी के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। तत्पश्चात लंगर का आयोजन किया गया।
दोपहर बाद विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। इसमें सबसे आगे घोड़ों पर सवार बच्चे धर्म ध्वजा लिए हुए थे। उसके पश्चात गुरु नानक पब्लिक स्कूल के बच्चे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन में मुख्य आकर्षण सहारनपुर का रणजीत अखाड़ा रहा। इसमें युवा लाठी, तलवार, भालों आदि परंपरागत हथियारों से अपनी हैरतअंगेज कला का प्रदर्शन कर रहे थे। पंज प्यारों की अगुवाई में फूलों से सजी पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान थे। इसके आगे महिलाएं श्रद्धा पूर्वक रास्ते की सफाई करते हुए चल रही थी। झंडा चौक पर कारी मुकीम, जाफर जैदी, हाजी मसूद, शहजाद, अयूब अहमद, लईक बेग आदि ने फूल बरसा तथा सिख समाज के लोगों पर मालाएं पहना स्वागत किया।
नगर कीर्तन में शामिल पंज प्यारे- फोटो : SAHARANPUR
करतब दिखाता सिख बालक- फोटो : SAHARANPUR