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बाढ़ बचाव और राहत कार्यों की माक ड्रिल का अभ्यास

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मॉक ड्रिल के बारे में चर्चा करते एडीएम (एफ) और अन्य अधिकारी - फोटो : SAHARANPUR
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बेहट (सहारनपुर)। कलसिया की पूर्वी यमुना नहर में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों का मॉक ड्रिल के माध्यम से अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पूर्वी यमुना नहर में डूब रहे दो लोगों और उनके दो मवेशियों को रेस्क्यू करने का सफल प्रदर्शन भी किया गया।
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एडीएम एफ रजनीश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित अभ्यास से पहले सिंचाई विभाग के गेस्ट हाऊस में कार्यशाला आयोजित की गई। इसे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रणता ऐश्वर्या, तहसीलदार प्रकाश सिंह, सीओ फायर तेजवीर सिंह, सीओ बेहट मुनीष चंद्र ने संबोधित किया। बताया कि बाढ़ के दौरान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कैसे काम करता है। कहा कि पहाड़ों पर ज्यादा बारिश होने के कारण हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़ा जाता है तो नदियों व नहरों में अचानक क्षमता से अधिक पानी आने पर आसपास काम करते हुए कोई व्यक्ति बाढ़ के तेज बहाव में बह जाता है तो उसे किस तरह निकालना है। यह मॉक ड्रिल के माध्यम से दिखाया गया। नायब तहसीलदार अनिल कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार पांडेय, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. आरएस चौहान, डॉ. अनिल रहे।
मॉक ड्रिल के माध्यम से दो लोगों को बचाने का प्रदर्शन किया
माक ड्रिल के दौरान अनाउंसमेंट कर बताया गया कि हथनी कुंड पर जलस्तर बढ़ने के कारण पानी के तेज बहाव दो लोगों और उनके दो मवेशी बह गए हैं। इसके बाद पीएसी की फल्ड कंपनी को नहर में नाव से उतारा गया। कंपनी के जवानों ने स्टीमर तैयार कर बहते हुए हुए दोनों लोगों को बचाया। इसके बाद उन्हें किनारे लाया गया, जहां पहले से सतर्क चिकित्सा विभाग की टीम ने दोनों लोगों को बेहोशी की हालत में स्ट्रेचर पर लिया और कुछ ही दूरी पर बाढ़ चिकित्सा शिविर में ले गए, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इस प्रदर्शन को देखने के लिए नहर किनारे काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।

नहर में डूबे लोगों बचाते पीएसी के जवान- फोटो : SAHARANPUR

मेडिकल शिविर में चिकित्सा देते चिकित्सक- फोटो : SAHARANPUR

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