शाकंभरी (सहारनपुर)। विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में 17 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर शाकंभरी जयंती (प्राकट्य पर्व) मनाने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर व्यवस्थापक राणा परिवार की ओर से माता के मंदिर को भव्य रूप दिया जा रहा है। हर वर्ष की भांति इस बार भी सिद्धपीठ में मां शाकंभरी जयंती का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
मां शाकंभरी को देवी दुर्गा का रूप माना जाता है। पौष मास की पूर्णिमा को मां दुर्गा ने मानव कल्याण के लिए शाकंभरी रूप लिया था। मार्कंडेय पुराण के अनुसार दानवों के उत्पात से त्रस्त भक्तों ने कई वर्षों तक सूखा एवं अकाल से ग्रसित होकर देवी दुर्गा से प्रार्थना की तब मां दुर्गा ने इस अवतार में प्रकट हुईं। अपने भक्तों को इस हाल में देखकर देवी की हजारों आंखों से नौ दिनों तक लगातार आंसुओं की बारिश हुई। जिससे पूरी पृथ्वी पर हरियाली छा गई। यहीं देवी शताक्षी के नाम से भी प्रसिद्ध हुई एवं इन्हीं देवी ने कृपा करके अपने अंगों से कई प्रकार की शाक, फल एवं वनस्पतियों को प्रकट किया। इसलिए उनका नाम शाकंभरी प्रसिद्ध हुआ।
पौष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शाकंभरी नवरात्र का आरंभ होता है, जो पौष पूर्णिमा पर समाप्त होता है। इस दिन शाकंभरी जयंती का पर्व मनाया जाता है।
मान्यता के अनुसार इस दिन असहाय को अन्न, शाक (कच्ची सब्जी), फल व जल का दान करने से अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती हैं व देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
सिद्धपीठ में उमड़ी भक्तों की भीड़
सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में पौष माह की चतुर्दशी पर्व पर साप्ताहिक अवकाश रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने लंबी कतार में लगकर महामाई के दर्शन किए। सुबह से ही देवी दर्शनों को भक्तों लाइन लगनी शुरू हो गई थी।
मां को अर्पण होगा 56 भोग
शंकराचार्य आश्रम प्रभारी एवं संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सहजानंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने बताया कि बीते 25 वर्षों से मां शांकभरी प्रकटोत्सव पर भव्यता से आयोजन होता है। इस बार भी 56 भोग एवं 36 व्यंजनों का प्रसाद मां को अर्पित किया जाएगा विद्वान ब्राह्मणों द्वारा किए जा रहे शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति सोमवार को होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद इंतजाम किए
कोतवाली प्रभारी अजय कुमार श्रोतिय ने बताया की शाकंभरी देवी मंदिर परसिर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आठ उपनिरीक्षक, एक महिला उपनिरीक्षक, चार हेड कांस्टेबल, 24 कांस्टेबल, आठ महिला कांस्टेबल, एक प्लाटून पीएससी, चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी, एक फायर ब्रिगेड की तैनाती की गई है।
संत सहजानंद जी महाराज- फोटो : SAHARANPUR
सिद्धपीठ में रविवार को उमड़ी भक्तो की भीड़- फोटो : SAHARANPUR
झालरों और गुब्बारों से सजाया गया मां का दरबार- फोटो : SAHARANPUR