किशनपुरा में बाइक की धुलाई के दौरान व्यर्थ बहता पानी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जिले में जल के अत्यधिक दोहन और पानी की बर्बादी की वजह भूगर्भ की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जनपद में बीते छह वर्षों में शहरी क्षेत्र सहित सभी 11 विकास खंडों में 20 मीटर तक भूगर्भ जलस्तर गिरा है।
रविवार को जल संशाधन दिवस मनाया जाएगा। जिले में कृषि, जनसंख्या विस्फोट, उद्योगों को लेकर जल की बढ़ती मांग से कई जगहों पर भूगर्भ जल स्तर की स्थिति गंभीर बन गई है। कुछ जगहों पर भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे जलस्तर जनपद में कई जगहों पर औसतन 10 से 20 मीटर तक नीचे गिरा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कृषि में 60 प्रतिशत भूजल का दोहन होता है, जबकि 30 प्रतिशत नहरों से सिंचाई होती है। इसके अलावा वाहनों की धुलाई और पशुओं को नहलाने में 10 प्रतिशत जल लगता है। वहीं, कई जगहों पर टूटी पड़ी पाइप लाइनों की वजह से भी जल की बर्बादी हो जाती है। ऐसे में जनपद में जल के अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर काफी गिर गया है। वर्षा होने के बावजूद हर वर्ष भूगर्भ बढ़ने की बजाए गिरा ज्यादा है। सरकारी आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
ब्लॉक बलियाखेड़ी
वर्ष ----- भूगर्भ जल में गिरावट (मीटर में)
2016----10.24
2017----10.61
2018----10.71
2019----10.24
2020----10.99
2021----20.58
देवबंद-
2016-----08.93 मीटर
2017-----09.76
2018----- 09.76
2019-----07.84
2020-----07.24
2021-----10.00
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गंगोह
2016-----17.38 मीटर
2017-----18.22
2018-----18.91
2019-----16.88
2020-----16.49
2021-----20.56
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मुुजफ्फराबाद-
2016----10.41 मीटर
2017-----09.81
2018-----10.30
2019-----10.11
2020-----09.34
2021------10.76
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नागल-
2016----12.44 मीटर
2017-----13.81
2018-----13.34
2019-----12.31
2020-----12.02
2021-----12.96
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नकुड़-
2016-----12.82 मीटर
2017-----14.41
2018-----14.61
2019-----13.10
2020-----12.22
2021-----13.46
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नानौता-
2016-----07.84 मीटर
2017-----07.71
2018-----07.39
2019-----05.83
2020-----06.41
2021-----08.00
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पुवांरका-
2016-----11.60 मीटर
2017-----11.29
2018-----11.57
2019-----11.07
2020-----10.72
2021-----10.87
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रामपुर मनिहारान-
2016-----07.40 मीटर
2017-----11.29
2018-----08.26
2019-----08.44
2020-----06.70
2021-----09.66
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साढ़ौली कदीम-
2016------07.80 मीटर
2017------06.80
2018------07.03
2019------06.77
2020------07.73
2021------08.34
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सरसावा-
2016-----08.29 मीटर
2017-----07.83
2018-----07.84
2019-----07.18
2020-----07.76
2021-----08.13
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शहरी क्षेत्र-
2016-----09.05 मीटर
2017-----10.20
2018-----10.86
2019-----10.66
2020-----10.05
2021-----11.08
जिले में गिरता भूजल स्तर चिंताजनक है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर भू-जल स्तर को बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसको लेकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। नए तालाब भी विकसित किए जा रहे हैं। नागरिकों को भी चाहिए कि वह जल की बर्बादी न करें।--------अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी
मिशन कंपाउंड में सड़क बनाने के दौरान टूटे पाइप से बहता पानी- फोटो : SAHARANPUR