यह था शुगर मिलें खरीदने का मामला
वर्ष 2010-11 में उत्तर प्रदेश की बंद पड़ी चीनी मिलों को मुखौटा कंपनियों के जरिये खरीदा गया। इस बाबत 2017 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। मुखौटा कंपनियों में डायरेक्टर राकेश शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, धर्मेंद्र गुप्ता निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, सौरभ मुकुंद निवासी साउथ सिटी सहारनपुर, मोहम्मद जावेद निवासी मिर्जापुर, सुमन शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, मोहम्मद नसीम अहमद निवासी मिर्जापुर, मोहम्मद वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर को नामजद किया गया था।
शस्त्र लाइसेंस भी हो चुके हैं निरस्त
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और बसपा एमएलसी महमूद अली सहित परिवार के पांच लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए थे। इसको मंडलायुक्त न्यायालय में चुनौती दी गई थी, लेकिन मंडलायुक्त ने भी लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को सही ठहराया था।
हाजी इकबाल के अधिवक्ता ने उठाया सवाल
हाईकोर्ट में हाजी इकबाल के मामलों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता इंद्रभान यादव ने अपना पक्ष जारी कर कहा है कि हाईकोर्ट में इन मामलों को लेकर दो याचिका दायर हैं, जिनमें न्यायालय ने ईडी को प्रत्यावेदन तय करने को कहा है। न्यायालय के आदेश का पालन हुए बगैर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। उनका दावा है कि संपत्ति अटैच करने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।
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