इस मौके पर महिला परिचालक सीमा रानी और कुसुम नेगी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, स्काउट एवं गाइड बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एआरटीओ सतीश कुमार, यात्रीकर अधिकारी खेमानंद पांडेय, सहारनपुर-मुजफ्फरनगर यूनियन, सहारनपुर-बड़गांव और जड़ौदा मार्ग यूनियन के पदाधिकारी अंकुर शर्मा, अनुज चौधरी, शाहिद सिद्दीकी, तेजपाल, श्याम, सुंदर गर्ग आदि मौजूद रहे।
घबराएं नहीं महिलाएं : सीमा
महिला परिचालक सीमा रानी ने कहा कि महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में कार्य करने से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। बेटियां शिक्षित होंगी तभी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी।
आत्मविश्वास से आगे बढ़ें : कुसुम
महिला परिचालक कुसुम नेगी ने कहा कि जब मैंने परिचालक की नौकरी शुरू की तो कई तरह के सवाल मन में आते थे। एक तरफ परिवार की जिम्मेदारी तो दूसरी तरफ ड्यूटी थी। आत्मविश्वास बनाकर रखा और दोनों जिम्मेदारी निभाईं। हर महिला को आत्मविश्वास बनाकर रखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
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