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नागल क्षेत्र के चार गांवों के हर घर में बुखार के मरीज

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सहारनपुर/नागल। नागल क्षेत्र में जनता बुखार से कराह रही है। चार गांव ऐसे हैं, इनमें 70 से 80 फीसदी लोग बुखार से ग्रसित हैं। हर घर में बुखार के कई-कई मरीज हैं। ज्यादातर लोग घरों पर ही डॉक्टरों से इलाज ले रहे हैं। बुधवार को इन गांवों का दौरा किया तो कई मरीज अपने घरों पर चारपाई पर पड़े ग्लूकोज चढ़वाते मिले। ग्रामीणों की मानें तो कई लोगों की बुखार के चलते मौत भी हो चुकी है।
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गांव गांगनौली में सबसे पहले बुखार का प्रकोप रहा। यहां मौतें भी हो चुकी हैं, मगर चिकित्सा विभाग का दावा है कि मौत की वजह बुखार नहीं, बल्कि अन्य कारण रहे। गांव में अब भी बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं है। गांगनौली के बाद सोहनचिड़ा, चहररौली, शीतला खेड़ा और नैनसौब के 70 फीसदी से अधिक लोग बुखार से कराह रहे हैं। डेंगू और मलेरिया को लेकर लोगों में भय बना है। सक्षम लोग प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज ले रहे हैं, मगर ज्यादातर लोग खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीज गांव में ही प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। कई मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि कई मरीज अब भी बुखार से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सा विभाग की ओर से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बात
सोहनचिड़ा के ग्राम प्रधान हसीब अली के परिवार के तीन लोग बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि 52 वर्षीय वकीला पत्नी मुर्सलीन की बुखार से मौत हो चुकी है, जिसके बाद से लोग दहशत में हैं। उनका दावा है कि हर घर में बुखार का मरीज है।
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गांव शीतला खेड़ा के प्रधान पति अमित चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी शीतल एवं बच्चे बुखार से ग्रस्त हैं। पूरे गांव में बुखार ने हाहाकार मचाया हुआ है। मंगलवार की रात कृपाल सिंह पुत्र सुनहरा की बुखार से मौत हुई है। एक सप्ताह पूर्व नौ वर्षीय मौजा पुत्र नितिन कि बुखार से मौत हो चुकी है। चिकित्सा विभाग के शिविर के बावजूद हालात खराब हैं।
गांगनौली के ग्राम प्रधान प्रमोद ने बताया कि उनके गांव में बुखार के चलते महिला समेत दो लोगों की मौत हुई है। बीते कुछ दिन से बुखार कम है, मगर अब भी लगभग हर घर में बुखार का मरीज है। लोग डरे हुए हैं।
गांव चहरौली निवासी अकरम ने बताया कि उनके गांव में बुखार ने पैर पसार रखे हैं। हर घर से कोई ना कोई बुखार की चपेट में है। उनके गांव में मुकर्रम पुत्र मुनफैत की बुखार के चलते मौत हो चुकी है। वर्तमान में करीब 30 लोग मेरठ, चंडीगढ़, सहारनपुर शहर के अस्पतालों में भर्ती हैं।
गांव नैनसोब की ग्राम प्रधान के पति सुरेश चंद का कहना है कि प्रत्येक घर में बुखार से पीड़ित लोग हैं। गांव के पास से नाला बहता है, जिसमें बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। विभागीय स्तर पर उठाए जा रहे कदम पर्याप्त नहीं हैं। लोग अपने आप इलाज करा रहे हैं।
जिन भी गांवों में बुखार फैलने की सूचना मिल रही है। वहां चिकित्सा विभाग टीमें भेजकर लोगों के नमूने ले रहा है। जरूरी दवाओं का वितरण भी मरीजों को किया जा रहा है। साथ ही बीमारियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. विकास पाल, प्रभारी, सीएचसी नागल।
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