सहारनपुर। ऑल इंडिया उर्दू तालिमी बोर्ड के संरक्षक सज्जाद हुसैन व महासचिव दानिश सिद्दीकी ने मौलाना निसार अहमद मजाहिरी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मौलाना निसार अहमद मजाहिरी के दुनिया से चले जाने पर इस्लामिक समेत सामाजिक, राजनीतिक व शिक्षा जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।
मूलरूप से खेड़ा अफगान निवासी 50 वर्षीय मौलाना निसार अहमद मजाहिरी काफी दिन से बीमार चल रहे थे। दिल्ली एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 12 वर्षों से मदरसा मजाहिर उलूम वक्फ में छात्रों को हदीस की शिक्षा देते थे। इसके साथ ही 15 वर्षों से बाजार हिरनमरहान स्थित जामन व फूल वाली मस्जिद में कुरआन व हदीस की तालीम देते थे। मौलाना का शव गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके निधन पर साबिर अली खान, शहजाद अख्तर, नवेद उलहक सिद्दीकी, राफे सिद्दीकी, मजहर उमर, ख्वाजा सलमान, मोहम्मद अली दुख व्यक्त किया।