- चार साल से टीपी नगर में धूल फांक रहे प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए 48 फ्लैट
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सहारनपुर विकास प्राधिकरण एक ही आवासीय योजना लाया और वह भी सफल नहीं हो पाई है। चार साल पहले अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत टीपी नगर में 48 फ्लैट बनाए गए, जो अधिकारियों की लापरवाही से धूल फांक रहे हैं। बिना देखरेख के उक्त फ्लैट जर्जर होते जा रहे हैं।
विकास प्राधिकरण ने अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत चार साल पहले ट्रांसपोर्टनगर में पीछे की ओर एक अलग से परिसर तैयार कर चार मंजिला इमारत बनाई थी। इसमें 48 फ्लैट तैयार किए गए थे। इनमें ज्यादातर फ्लैट वन बीएचके वाले हैं। खास बात यह है कि फ्लैट तैयार करने में प्राधिकरण ने करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए थे, मगर एक भी फ्लैट नहीं बेचा जा सका।
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फ्लैट्स की कीमत
प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए उक्त फ्लैट्स की कीमत नौ से 13 लाख रुपये तय की गई थी। चूंकि इमारत चार मंजिला है। ऐसे में फ्लोर यानी तल के हिसाब से फ्लैट के रेट निर्धारित किए गए थे। सुविधाओं के हिसाब से पार्किंग, सुरक्षा के लिए चहारदीवारी और एक मुख्य एंट्री दी गई है। बावजूद प्राधिकरण ग्राहक नहीं तलाश सका है।
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ठेकेदार का नहीं किया भुगतान
फ्लैट बने चार साल बीत चुके हैं, मगर अभी तक ठेकेदार का भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार जिनेंद्र जैन ने बताया कि उनका करीब 30 लाख रुपया बकाया है। उन्होंने अपना चौकीदार फ्लैट की सुरक्षा के लिए छोड़ा हुआ है, क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व भवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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फ्लैट्स को लेकर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। इस संबंध में शासन में बात भी की है। जैसे ही शासन से जवाब आएगा तो बोर्ड में रखकर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। रही बात ठेकेदार का भुगतान रुकने की तो नियम यह है कि जब तक फाइनल अलॉटमेंट न हो जाए, तब तक भुगतान नहीं किया जाता है।
-- आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।