- भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंधमारी का मामला
-- नकली आधार कार्ड भी बना रहा था हरिओम, पकड़े दो साथियों ने किया खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंधमारी कर फर्जी तरीके से मतदाता पहचान पत्र बनाने के मामले में पुलिस अभी तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। फरार चल रहे आरोपी विकेश और हरिओम की तलाश में पुलिस टीमें दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में दबिश दे रही हैं। आरोपी हरिओम के साथी आकाश और अजय कुशवाहा को मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा है, जो हरिओम के मतदाता पहचान पत्र के साथ अलावा फर्जी आधार कार्ड भी बना रहे थे।
साइबर थाना सहारनपुर में दर्ज हुए मामले में विकेश और मध्य प्रदेश मुरैना निवासी हरिओम भी नामजद हैं, जिनके नामों की जानकारी गांव मच्छरहेड़ी निवासी विपुल सैनी ने पुलिस को दी थी। इस मामले में हरिओम उर्फ हर्षा निवासी मुरैना के साथी आकाश व अजय कुशवाह को मध्य प्रदेश पुलिस ने मुरैना से गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी पर हरिओम द्वारा मतदाता पहचान पत्र के अलावा फर्जी आधार कार्ड बनाने का भी खुलासा हुआ है। इस मामले अब तक सात आरोपी सहारनपुर से जेल गए हैं, जबकि दो आरोपियों को मध्य प्रदेश पुलिस ने मुरैना से पकड़कर जेल भेजा है, जबकि हरिओम व विकेश फरार चल रहे हैं। विकेश के पते के बारे में पुलिस जानकारी जुटाने में लगी है। आरोपियों की तलाश में सहारनपुर पुलिस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और वेस्ट यूपी के जिलों में दबिश दी है, लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि जल्द विकेश और हरिओम को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हरिओम के दो साथी आकाश व अजय कुशवाह को मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा है।
-------
हर्षा के पकड़े जाने की रही चर्चा
वहीं, इस मामले मुरैना निवासी हरिओम उर्फ हर्षा के गिरफ्तार होने की भी चर्चा रही। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि हरिओम की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस संबंध में जानकारी की जा रही है।
-----------
यह था मामला, यह आरोपी जा चुके जेल
साइबर थाना पुलिस ने 12 अगस्त की रात नकुड़ क्षेत्र के गांव मच्छरहेड़ी निवासी विपुल सैनी को गिरफ्तार किया, जो जनसेवा केंद्र चलाता था और मतदाता पहचानपत्र भी बना रहा था। वह दिल्ली निवासी अरमान मलिक की मदद से 30 हजार से अधिक मतदाता पहचानपत्र बनवा चुका है। इसके बाद कमल विहार निवासी आदित्य खत्री, आजादपुर निवासी आशीष जैन, अमन विहार निवासी अरमान मलिक उर्फ मोहम्मद नियाज आलम और सराय बस्ती दिल्ली निवासी नितिन, दीपक मेहता उर्फ टेक्निकल मेहता व उसका भाई संजीव मेहता निवासी जिला बारां राजस्थान, आकाश व अजय कुशवाह जेल जा चुके हैं। इनमें नितिन और आदित्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्य कर चुके हैं, जिन्होंने यूजर आईडी और पासवर्ड अन्य आरोपियों को बांटे थे।