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बदायूं गैंगरेप: पुलिस पर सवाल, भड़के CM

Sat, 31 May 2014 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं, लखनऊ
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बदायूं में दो किशोरियों के साथ गैंगरेप के बाद फांसी पर लटकाने के मामले में दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग की टीम ने घटनास्थल का मौका-मुआयना कर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए। पीड़ित पक्ष ने सीबीआई जांच की मांग उठाई।
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उनका आरोप था कि पुलिस बयान बदलने के लिए दवाब डाल रही है। लिहाजा पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। आयोग की टीम ने इसे जघन्यतम अपराध बताते हुए पुलिस को सबसे ज्यादा दोषी माना। कहा, अगर पुलिस इसे गंभीरता से लेती तो दोनों लड़कियां आज जिंदा होतीं।

फिलहाल नामजद हेड कांस्टेबल छत्रपाल और सिपाही सर्वेश यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। एक सिपाही और दो हत्या अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। इस बीच हेड कांस्टेबल छत्रपाल भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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अफसरों को आखिलेश की फटकार

लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीजीपी सहित पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रभावित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने व उन्हें पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

घटना के तीसरे दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद बदायूं की इस घटना की समीक्षा की। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कि कहा प्रकरण में जो लोग अभी गिरफ्तार नहीं हुए हैं उन्हें विशेष टीम गठित कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस घटना को एक नजीर मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को जल्द सजा दिलाई जाएगी ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों। लापरवाह पुलिस कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राष्ट्रीय महिला आयोग का दौरा

राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने पीड़ित पक्ष से बातचीत के बाद प्रदेश सरकार के रवैये पर नाराजगी भी जाहिर की। सदस्य शबाना शफीक ने कहा कि बालिकाओं की मौत के बाद परिवार को आर्थिक मदद जरूर मिलनी चाहिए। तीन सदस्यीय टीम की वरिष्ठ साथी शबाना ने बताया कि वह केंद्र सरकार को दो से तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंप देंगी।

शबाना ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग को महिलाओं पर जुल्म-ज्यादती के जितने मामले मिलते हैं, उनमें से पचास फीसदी उत्तर प्रदेश के होते हैं। इससे साफ है कि यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। राज्य महिला आयोग की टीम ने ठोस कार्रवाई की बात कही। राज्यमंत्री जानकी पाल के नेतृत्व में आई टीम ने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

घटनास्थल पर पहुंचे अन्य दलों के नेता

बसपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में बसपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित पक्ष से मिला। मौर्य ने कहा कि प्रदेश में गुंडाराज है। अखिलेश सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

भाजपा सांसद कृष्णाराज और धर्मेंद्र कश्यप के नेतृत्व में पहुंचे भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने भी सपा सरकार पर तीखा हमला किया। कहा कि पीएमओ ने कांड की रिपोर्ट तलब की है। यूपी के गुंडाराज को लोकसभा में उठाया जाएगा।

एसएसपी अतुल सक्सेना ने बताया कि दोषी पप्पू यादव, अवधेश और सिपाही सर्वेश यादव को जेल भेज दिया गया है। बाकी दो नामजद उर्वेश और सिपाही छत्रपाल समेत अज्ञात आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दौड़ रही हैं।

क्या है बदायूं गैंगरेप मामला?

बदायूं के कटरा सआदतगंज के उसहैत गांव में मंगलवार 27 मई की शाम घर से किसी काम के लिए निकलीं दो चचेरी बहनों का अपहरण कर पहले उनके साथ गैंगरेप किया गया। इसके बाद उन्हें फांसी पर लटकाकर मार दिया गया। इस हृदय विदारक घटना की जानकारी अगले दिन यानी 28 मई की सुबह हुई। मामले में एक ही परिवार के तीन भाइयों सहित कुल पांच लोग शामिल थे।

ग्रामीण किशोरियों के गायब होने के बाद 27 मई की रात ही इस मामले की रिपोर्ट लिखाने संबंधित पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। इसी चौकी में आरक्षी सर्वेश व हेड कांस्टेबल छत्रपाल तैनात थे। ऐसा माना जा रहा है यदि रात में ही पुलिस हरकत में आ जाती तो दोनों किशोरियों की जान बच सकती थी। पुलिस ने पांच आरोपियों के साथ ही इन दोनों पुलिस कर्मियों के नाम भी प्राथमिकी में दर्ज किए हैं।

घटना की होनी चाहिए सीबीआई जांच: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने बदायूं में दो बहनों की सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सूबे में जंगलराज का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। मायावती ने कहा कि बदायूं में दो बहनों की सामूहिक दुराचार के बाद हत्या की घटना कानून का राज समाप्त होकर जंगलराज कायम होने का स्पष्ट प्रमाण है।

बेवजह मामले को मुद्दा बना रही विपक्षी पार्टियां: अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठीक है। उन्होंने कहा कि बदायूं में दो नाबालिग लड़कियों की रेप के बाद हत्या के मामले में जो भी दोषी हैं उन्हें पकड़ लिया गया। अब यूपी पुलिस को हाईटेक बनाया जा रहा है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ में तेजी आएगी। दूसरे राजनीतिक दल इसे बेवजह मुद्दा बना रहे हैं।
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जल्द गठित होगा रेप क्राइसिस सेल : मेनका

यूपी के बदायूं में दो दलित बहनों की गैंगरेप के बाद हुई हत्या के दिल दहला देने वाले मामले में केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मेनका ने इस घटना के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करने के लिए सरकार ‘रेप क्राइसिस सेल’ का गठन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बहनों के माता-पिता मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं तो वह सरकार से इसकी सिफारिश भी करेंगी।

मेनका ने कहा, ‘इस घटना के लिए पुलिस की लापरवाही भी उतनी ही जिम्मेदार है, जिसकी वजह से दोनों लड़कियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। पुलिस अब भी सही दिशा में काम नहीं कर रही है। मामले में शामिल सभी पुलिसवालों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। मालूम हो कि 14 और 15 साल की दो चचेरी बहनों की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। जो अपने घरों से 27 मई को लापता हों गईं थीं। बाद में दोनों के शव आम के पेड़ पर लटके मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
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