दिल्ली में चलती बस में छात्रा से गैंगरेप की घटना ने देश को झकझोर दिया है। अंदर ही अंदर धधक रहे लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। बलात्कार के मामलों में यूपी की राजधानी लखनऊ का भी हाल बुरा है।
पिछले छह माह में प्रदेश में 1036 महिलाएं, लड़कियां और बच्चियां हवस का शिकार बनी हैं। शर्मसार करने वाले इन आंकड़ों में लखनऊ का पहला नंबर है, जहां 221 रेप के मामले सामने आए हैं। इसके बाद बरेली जोन, मेरठ, इलाहाबाद, आगरा, गोरखपुर, कानपुर और वाराणसी जोन का नंबर आता है।
मेरठ जोन में सबसे ज्यादा 34 वारदात मेरठ में ही हुई हैं। बुलंदशहर में 23, गाजियाबाद में 19, गौतमबुद्धनगर में 13, मुजफ्फरनगर में 12, हापुड़ 10, बागपत में नौ, शामली और सहारनपुर जिलों में 6-6 रेप की वारदात हुई हैं। ये आंकड़े उत्तर प्रदेश पुलिस के हैं, जबकि हकीकत इससे भी कहीं ज्यादा है।
स्याह सच ये भी है कि रेप की ज्यादातर घटनाएं पुलिस की चौखट पर पहुंच ही नहीं पाती क्योंकि लोग इज्जत खोने के डर से होठ सिल लेते हैं। मेरठ जोन के पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो मेरठ में 123 महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों के साथ रेप हुआ। इसी तरह गाजियाबाद में 57, बुलंदशहर में 66, गौतमबुद्धनगर में 46, बागपत में 30, हापुड़ 32, सहारनपुर 31, मुजफ्फरनगर 40 और शामली में 10 वारदात हुई।
रेप के आंकड़ें
जोन रेप के मामले
लखनऊ 221
बरेली 155
मेरठ 132
इलाहाबाद 130
आगरा 125
गोरखपुर 122
कानपुर 90
वाराणसी 61
(नोट-मार्च से सितंबर 2012 तक उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़े)