फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऋतुराज बसंत का करें स्वागत, करें मां सरस्वती की पूजा

विज्ञापन
रामपुर में बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा के लिए मंदिर में रोशनी करती महिलाएं। संवाद - फोटो : RAMPUR
विज्ञापन
रामपुर। बसंत पंचमी पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी पर सरस्वती सिद्ध करके मंत्र साधना में सिद्धि प्राप्त करनी चाहिए। कंठ में सरस्वती को स्थापित किया जाता है। स्वर, संगीत, ललित कलाओं, गायन वादन, लेखन यदि इस दिन आरंभ किया जाए तो जीवन में सफलता अवश्य मिलती है। बसंत पंचमी का पर्व भगवान विष्णु और सरस्वती जी की आराधना का पावन दिवस है। प्रात: काल स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनकर धूप दीप, नैवेद्य व लाल रोली से दोनों की पूजा अर्चना की जानी चाहिए। इससे पूर्व गणेश जी का पूजन अवश्य होना चाहिए। पीले व मीठे चावलों का भोग लगाना चाहिए। वाणी , शिक्षा एवं अन्य कलाओं की अधिष्ठात्री देवी मां की आराधना छात्रों को अवश्य करनी चाहिए। इस दिन सरस्वती सिद्ध करके मंत्र साधना में सिद्धि प्राप्त करनी चाहिए। स्वर, संगीत, ललित कलाओं, गायन वादन,लेखन यदि इस दिन आरंभ किया जाए तो जीवन में सफलता अवश्य मिलती है।
विज्ञापन

कैसे करें पूजा अर्चना
बसंत पंचमी के दिन छोटे बच्चों का विद्यारंभ करवाया जाता है। जिला ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित संजय शर्मा के अनुसार इस दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए। एक चौकी पर श्वेत वस्त्र बिछाकर देवी सरस्वती का चित्र या मूर्ति स्थापित कर पूजन संपन्न करें। देवी को सफेद पुष्प और सफेद प्रसाद जैसे खीर और पेड़ा अर्पित करें और इसके बाद मां सरस्वती की वंदना करें। मां सरस्वती से क्षमा याचना करने के बाद ज्ञान और बुद्धि का आशीष मांगें।
बसंत पंचमी पर्व पर पूजा का शुभ मुहूर्त
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त पांच फरवरी की सुबह 6 बजकर 43 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक है। इस दौरान पूजन के लिए शुभ समय 5 फरवरी को सुबह 6.43 से 12.35 तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें