रामपुर। सोमवार को जिला अस्पताल और जलनिगम के दफ्तर के पास सीवर लाइन धंस गई। इससे जलनिगम की पेयजलापूर्ति ठप हो गई। इससे दफ्तर में तो पानी की किल्लत हुई ही, आसपास के लोग भी बूंद-बूंद पानी को तरस गए। सीवर लाइन के गड्ढे में आधी सड़क समा गई। इससे आने जाने वालों को भी दिक्कतें हो रही हैं। बता दें कि नौ दिन पहले पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन भी धंस गई थी, जो अब तक ठीक नहीं हो सकी है।
सीवर लाइन धंसने का सिलसिला लगातार जारी है। कभी जिला अस्पताल तो कभी पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन धंस जाती है। हर साल सीवर लाइन की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये बहा दिए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी सीवर लाइन सही नहीं हो पाती। नौ दिन पहले धंसी पहाड़ी गेट की सीवर लाइन अभी ठीक भी नहीं हुई थी कि सोमवार को जलनिगम के दफ्तर के पास करीब दो सौ मीटर दूरी पर सीवर लाइन धंस गई। आधी सड़क सीवर लाइन धंसने की वजह से जमीन में समा चुकी है। वहीं, इसकी वजह से नगर पालिका की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे क्षेत्र के आसपास के तमाम मोहल्लों की पेयजलापूर्ति ठप हो गई। पाइप लाइन फटने की वजह से गड्ढे में से पानी बहने लगा। करीब दो घंटे तक पानी की बर्बादी होती रही। हालांकि, जानकारी मिलते ही नगर पालिका के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और पाइप लाइन को बंद किया। जलकल अभियंता पीसी आर्य ने बताया कि सीवर लाइन धंसने की वजह से हमारी पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसे ठीक कराया जा रहा है। शाम तक पेयजलापूर्ति सुचारू हो जाएगी।