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Rampur: ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करते समय लगा करंट, घंटों रेत में दबाया युवक...घरेलू उपचार के बाद हालत सामान्य

Fri, 17 Nov 2023 12:12 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

रामपुर के सैफनी में ई रिक्शा का चार्ज करने के दौरान चालक को करंट लग गया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसका उपचार घरेलू तौर पर करवाया।
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सेफनी में रेत में दबाकर युवक का किया गया उपचार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सैफनी नगर के एक मोहल्ले में ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करते समय चालक करंट लगने से झुलस गया। बेहोश होने पर परिजन उसे अस्पताल नहीं बल्कि घरेलू उपचार में लग गए। इसके बाद युवक की हालत सुधर गई। नगर के मोहल्ला सुरंग निवासी कृपाल सिंह (20) पेशे से ई-रिक्शा चालक है। बृहस्पतिवार दोपहर को अपने घर पर ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के लिए तार जोड़ रहा था।

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तार जोड़ते समय अचानक ई-रिक्शा में करंट दौड़ गया। उस दौरान चालक कृपाल सिंह करंट की चपेट में आकर झुलस गया और बेहोश हो गया। इसके बाद परिजनों ने उसे रेत में दबा दिया। कुछ तेज करंट नहीं लगने के कारण कुछ समय बाद युवक सामान्य हो गया। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

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करंट लगे तो ये करें

जिला अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. डीके वर्मा के अनुसार करंट से झुलसे व्यक्ति को घरेलू उपचार देने या रेत में दबाने की बजाय तुंरत अस्पताल ले जाना चाहिए। अगर व्यक्ति में सांस लेने, खांसने या फिर किसी तरह की हलचल नहीं हो रही है तो उसे सीपीआर दें। कोशिश करें कि घायल व्यक्ति का शरीर ठंडा न पड़े। जहां-जहां जल गया है उन जगहों पर पट्टी या दवाई लगाएं।

सीपीआर देने के लिए व्यक्ति को जमीन पर लिटा दें। सिर को थोड़ा ऊंचाई पर रखें। हाथों की मदद से नाक को दबाएं। हर एक मिनट में 10 बार सांस दें। इस दौरान निगरानी करें कि उसकी छाती फूल रही है या नहीं। अगर करंट लगने के बाद भी व्यक्ति होश में है तो उसे खुली हवा में बैठाएं।

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यह महज मिथ्य है कि करंट से झुलसे व्यक्ति को रेत में दबाने से उसकी जान बच जाती है। जबकि ऐसा कुछ नहीं होता है। अगर व्यक्ति करंट से झुलसा हुआ है तो उसे जितना जल्दी हो सके नजदीक के अस्पताल लेकर पहुंचे। इस पहले बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें। अगर व्यक्ति में सांस लेने, खांसने या फिर किसी तरह की मूवमेंट नहीं दिख रही है। तो सीपीआर शुरू करें। कोशिश करें कि घायल व्यक्ति का शरीर ठंडा न पड़े। जहां-जहां जल गया है उन जगहों पर पट्टी या दवाई लगाएं।  - डॉ. डीके वर्मा, जनरल फिजिशियन जिला अस्पताल।

ऐसे दें सीपीआर

  • सीपीआर ट्रीटमेंट के लिए इंसान को जमीन पर लेटा दें।
  • सिर को थोड़ा ऊंचाई पर रखें।
  • हाथों की मदद से नाक को दबाएं।
  • हर एक मिनट पर 10 बार सांस दें।
  • इस दौरान निगरानी करें कि उसकी छाती फूल रही है या नहीं।
  • अगर करंट लगने के बाद भी इंसान होश में है तो उसे खुली साफ हवा में बैठा दें।
     




 

 

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