फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहरों में पानी न छोड़े जाने पर किसानों न जताया रोष

विज्ञापन
विज्ञापन
भोट (रामपुर)। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बेमियादी धरने के 87 वें दिन भी कोयला टोल प्लाजा पर धरने में डटे रहे। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सिंचाई विभाग द्वारा नहरों में पानी न छोड़े जाने पर रोष जताया।
विज्ञापन

केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के किसानों का बेमियादी धरना 87वें दिन भी जारी रहा। धरने में बैठे किसानों ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन पर शोक जताया। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद की मौजूदगी में किसानों ने 2 मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके बाद मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि जिले की सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। जिस कारण फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की सफाई के नाम पर भी करोड़ों रुपये का घपला किया गया है। सिंचाई विभाग तमाम गांव को नदियों के कहर से बचाने में भी नाकाम रहा। सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए विद्युत विभाग पर भी निशाना साधा। कहा कि सिंचाई विभाग का पूरा काला चिट्ठा 5 सितंबर के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने की अपील की।किसानों ने संकल्प दोहराया कि जब तक तीनों कानून वापस नहीं होते उनका आंदोलन जारी रहेगा।इस दौरान मोहम्मद नईम, जुम्मा असलम, भारती, चंद्रसेन, सतपाल सिंह, मनोज, शिव बहादुर, शाकिर अली,जुल्फिकार ,छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, नौशाद, सतनाम सिंह, जगदीप, फहीम, जाकिर नबी, जीशान घोसी,अबरार हुसैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें