रामपुर। ‘बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है..., ये राखी बंधन है अपना..., भैय्या मेरे राखी के बंधन को निभाना...’ जैसे गीतों की पक्तियां फिजाओं में छाई रहीं। जिलेभर में भाई-बहन के अटूट प्रेम पर्व रक्षाबंधन को मनाया गया। पारंपरिक रस्मों को निभाते हुए बहनों ने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और भाइयों से रक्षा का वचन लिया।
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर जिलेभर में उल्लास रहा। बहनों ने शुभ मुहूर्त में पूजा का थाल सजाया। जिसमें कुमकुम, अक्षत, रक्षा सूत्र, मिठाई, सुखा नारियल आदि रखे। इसके बाद भाई के माथे पर प्रेम का टीका लगाया और आरती उतारी। सुबह से ही बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधकर अपने भाई की लंबे स्वस्थ जीवन की कामना की। इसके बाद बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कराया। भाइयों ने भी बदले में रक्षा का वचन दिया तथा उपहार, शृंगार सामग्री, कपड़े, आभूषण आदि भेंट किए।