भोट (रामपुर)। तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में सोमवार को दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे तराई किसान संगठन से जुड़े किसान भी पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने तीनों कृषि कानून वापस लेने के साथ ही किसान आंदोलन में प्राण गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिजनों को शहीद को मिलने वाली सुविधाएं दिलाए जाने की मांग की है।
थाना क्षेत्र के कोयला टोल प्लाजा पर तीनों कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता पिछले 60 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। सोमवार सुबह बिलासपुर से दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे तराई किसान संगठन से जुड़े किसान भी धरना स्थल पर पहुंचे व भाकियू कार्यकर्ताओं का समर्थन करते हुए धरने में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया। किसान नेता मोहम्मद तालिब ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार किसान विरोधी है। किसान आंदोलन में प्राण गंवाने वाले किसानों को महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार के मंत्रियों ने उनके परिजनों को सांत्वना नहीं दी है। इन किसानों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिजनों को भी शहीद के परिजनों को मिलने वाली सुविधाएं दे। अन्यथा, वक्त आने पर दोनों सरकारों को किसानों की ताकत का एहसास दिलाया जाएगा। किसानों से अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानून कृषि विरोधी हैं, इसलिए जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं किया जाएगा किसान आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद किसानों का जत्था नारेबाजी करते हुए दिल्ली को रवाना हो गया। इस दौरान जिला उपाध्यक्षा शाबिर अली, इरफान हसन, तेजेन्द्र सिंह विर्क, मनजीत सिंह अटवाल, गुरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह, जग्गा सिंह, माइटी सिंह, शाकिर अली, शकील अहमद, जुम्मा मुजफ्फर अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद, अबरार हुसैन, वसीम उल हसन, फरमान अली मौजूद रहे।